योगीराज में गायों की बुरी दुर्दशा, आए दिन मर रहीं सडक पर, गाय हमारी माता है का स्लोगन भी पड़ रहा फीक

By: jhansitimes.com
Sep 13 2018 01:38 pm
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अन्ना जानवर के कारण जहां किसान से लेकर क्षेत्रीय और शहरी लोग भी अब परेशान होने लगे है वहीं इसमें गायों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है और जिसके लिए शासन के अलावा हम सभी कहीं न कहीं दोषी है। गौशालाएं बनी परंतु उनका ठीक ढंग से क्रियान्वयन न होने के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। गौरक्षक जो कि इसके ठेकेदार बनते है वों भी इस समस्या को दरकिनार कर रहें है और यह स्लोगन भी फीका पडता हुआ नजर आता है जो इस प्रकार गाय हमारी माता है। यह गाय तडप तडप कर मर जाती है और जिसे उठाने वाला भी नहीं दिखाई पडता है। 

प्रदेश में योगी सरकार आते ही गायों पर नकेल कसा गया जिसके कारण इनकी संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा होने लगा और बुन्देलखंड से लेकर अन्य जनपदो में स्थिति इतनी भयानक है कि हाइवे पर गाय तडप तडप कर मर जाती है उसे लोग दरकिनार करके चलें जाते है। दिन और रात बराकर सैकडो गाय और बछडे सडक पर झुंड बनाकर बैठ जाते है इन्हें हटाने के लिए कभी कभी बडी घटनायें घटित हो जाती है फिर भी यह हटते नहीं है। कई बार तेज गति से आ रहें वाहन अनियंत्रित होकर टकरा जाते है और उनमें बैठे लोग मौत के आगोश में समां जाते है यह इतनी बडी समस्या हो रहीं है जिसका निदान कहीं नजर नहीं आ रहा है। योगी सरकार ने द्योषणा की थी गौशालाएं बनाई जायेगी गाय की रक्षा की जायेगी।

 कहीं पर गौशालाएं नहीं दिखाई पड़ रहीं है। गाय सडक पर टहलती है और भूख के कारण दम तोड़ देती है। उसके बछडा भी तडप तडप कर मर जाता है। पहले ग्रामीण और किसान गाय को सुरक्षित रखते थे उसको संभालकर रखते थे अब तो हाल इतना बुरा है कि जब तक गाय ने दूध दिया खूठें से बांधी। दूध देना बंद किया उसे छुटटा छोड़ दिया। इतना हीं नही जो गाय दूध भी दे रही है उनको भी खुला छोड़ देते है। उन्हें भी बांधना उचित नहीं समझते है। यहीं कारण है कि गायों की संख्या में दिन प्रतिदिन इजाफा हो रहा है जबकि हिंदू समाज में गाय को माता माना गया है और कोई भी धार्मिक कार्यो में इसकी जरूरत पड़ती है। गाय का दूध देवताओं के अभिषेक के लिए और गोबर हवन के लेपन के लिए, मूत्र गोलोचन जो कि सिर्फ गाय में ही पाया जाता है यह सब कोई भी धार्मिक हवन पूजन करने में जरूरी होता है। इतना हीं नहीं अगर कोई व्यक्ति गाय के ऊपर हाथ दस मिनट फेर लेता है तो उसका रक्तचाप नियंत्रित हो जाता है। इतनी सब खूबियां गाय में होती है फिर भी इसको दरकिनार किया जा रहा है। 

शासन द्वारा जो भी व्यवस्था की गई उसके अनुरूप न तो काम हो रहा है और न ही इनकी रक्षा की जा रही है। हाइवे पर कहीं कोई ऐसी बैरीकेटिंग नहीं लगी हुई है जिससे वों रोड पर न आ सकें। गांव से छूता हुआ जहां हाइवे निकला वहां ग्रामीण अपनी अपनी गायों को रोड पर मरने के लिए छोड़ देते है। किसान सैकडो की संख्या में गाय हांकता तो है और अपना नुकसान बचाने का प्रयास करता है परंतु क्षेत्रीय प्रधान या कोई संगठन इसके लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाता है। हर व्यवस्था सरकार के ऊपर छोडऩे का प्रयास करते है।

जब गाय को इतना पवित्र माना गया है तो फिर उसके साथ इस तरह का अत्याचार आखिरकार क्यों हो रहा है। बेजुबान जानवर जो कि इंसान को इतनी चीजें अर्पित करता है आज वहीं सुरक्षित नहीं है। मोदी और योगी सरकार जबसे प्रदेश में आई है लोगो को उम्मीद जागी थी कि अब कम से कम गाय सुरक्षित होगी, परंतु गाय पर राजनीति हर वर्ग का व्यक्ति कर रहा है, कोई टीका-टिप्पणी करके इस पर न्यूज चैनलो में लडता झगडता नजर आता है परंतु वास्तविकता में आज गाय सुरक्षित नहीं है और इससे एक का नहीं अनेक का नुकसान हो रहा है। जनहित में योगी सरकार से मांग की जाती है कि इस ओर अपना ध्यान आकर्षित करे और ऐसी कोई ठोस योजना बनाए जिससे सडक पर जो गाय तडप तडप कर मर रही है वो सुरक्षित हो सके और किसानो की फसल भी बचीं रहें।


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