मप्र चुनाव के पहले उमा हुई अचानक सक्रिय, अटकलों का बाजार गर्म, सीएम की कुर्सी पर तो नहीं निशाना...

By: jhansitimes.com
Jan 28 2018 06:28 pm
820

(NEWS EDITOR, MADAN YADAV) झाँसी। क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय मंत्री उमा भारती एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वह उत्तर प्रदेश की राजनीति को दरकिनार कर मध्य प्रदेश की ओर रूख करते हुए दिख रही हैं। सूत्र बताते हैं कि उमा भारती को एक बार फिर से मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत दिखाने का जुनून सवार हो गया है। इसलिए वह अपने संसदीय क्षेत्र के आसपास लगे मप्र के इलाकों व गृह जनपद टीकमगढ़ के पुराने संपर्कों को किसी न किसी बहाने खंगालने में जुट गई हैं। इसका सीधा उद्देश्य भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाने का दिख रहा है। ताकि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में उन्हें बतौर मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट किया जाए अथवा चुनाव बाद उन्हें सीएम बनाया जाए। 

भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता उमा भारती अपनी राजनीति की शुरूआत से ही चर्चा में रहने के सारे तरीके जानती हैं। लगातार चर्चाओं का बाजार उनके बयानों से गर्म रहता है। बात उनके क्रियाकलापों की हो, या फिर राजनीति कद की अथवा बयानों की। उन्हें चर्चा में रहना आता है। एक बार फिर वह चर्चाओं में हैं। इस बार वह मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पूर्व वहां अपनी सक्रियता को लेकर चर्चा में हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करना उनके सबसे बड़ी ख्वाहिश माना जाता रहा है। तिरंगा यात्रा को लेकर उनकी मध्य प्रदेश सीएम की कुर्सी गई थी। उनके इस्तीफा देने के बाद भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने शिवराज सिंह चौहान को संगठन से हटाकर मध्य प्रदेश का सीएम बना दिया। लगातार पंद्रह वर्षों तक शिवराज सीएम रहे और जनता में मामा के नाम से प्रसिद्धि पाई। 

अब वर्ष 2018 के अंत में मप्र के चुनाव होना हैं। केंद्र में मंत्री उमा भारती ने मप्र में अपनी अचानक सक्रियता बढ़ा दी है। बीते रोज वह मऊरानीपुर गई और वहां अपने लोगों को बुलाया। सूत्र बताते हैं कि इनमें सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले मप्र के वो लोग थे, जो कभी उमा के धुर विरोधी कहे जाते थे। इस बैठक का नतीजा जो भी हो, मगर उमा समर्थकों के दिलों में अपनी जमीन तलाश कर रही थीं। इसमें उन्हें काफी हद तक उम्मीद के अनुसार ही परिणाम भी देखने को मिला। उन्हें स्पष्ट हो गया कि मध्य प्रदेश की सक्रिय राजनीति से लंबे समय से दूर रहने के बावजूद उनके चाहने वालों की संख्या में कमी नहीं आई है। इसलिए आज वह छतरपुर में ही अपने प्रवचन देने के पचास साल पूरे होने खुशी में एक धार्मिक आयोजन में सक्रियता के साथ नजर आईं। 

सूत्रों की माने तो उमा ने मन बना लिया है कि यदि चुनाव में भाजपा नेतृत्व ने उनकी बात नहीं मानी और मध्य प्रदेश में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी के लिए नहीं कहा, तो वह स्वयं एकला चलो की राह पर भी उतर सकती हैं। ऐसे में शिवराज मामा को मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से लडऩे के साथ ही अपने ही संगठन की उमा भारती का  भी सामना करना पड़ सकता है। वैसे याद दिला दें कि समय-समय पर उमा दीदी मप्र में अपनी उपस्थिति का एहसास कराती रही हैं। यह उपस्थिति शांति पूर्वक न होकर शिवराज मामा के लिए मुश्किलें ही पैदा करती रही है। अब चुनावों को सन्निकट देखते हुए उमा दीदी की बढ़ती सक्रियता ने सबके कान खड़े कर दिए हैं। विश्वस्त सूत्रों की माने तो उमा भारती का कोई बड़ा मूवमेंट मध्य प्रदेश में लोगों और आलाकमान के सामने जल्द आ सकता है। 

इसके लिए उमा भारती ने मध्य प्रदेश में अपने विपक्षियों व विरोधियों को भी साधना शुरू कर दिया है। कई ऐसे धड़े जो उमा का खुलकर विरोध करते थे, अब उनके साथ हैं। ऐसे में क्या कयास लगाए जाएं? यह तो वक्त ही बताएगा। मगर कुछ न कुछ मध्य प्रदेश की राजनीति में नया होने जा रहा है। यह तो निश्चित है। 


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।