दुनिया की चौंकाने वाली सेक्स प्रथाएं....कहीं खुलेआम होता है सेक्स तो वीर्य पीकर साबित करनी होती है

By: jhansitimes.com
Jan 24 2018 07:25 pm
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 आज के जमाने में सेक्‍स को प्राकृतिक जरुरत और शारीरिक संतुष्टि का साधन कहा जा सकता है। लेकिन दुनियाभर में सेक्‍स को काफी अलग नजरिए से देखा जाता है। दुनिया के ऐसे कई कोने है जहां सेक्‍स को स्वीकार या मान्य किया जाता है वही दूसरे कोने में उस चीज पर रोक है। सेक्‍स को लेकर दुनिया भर में अजीबों गरीब धारणाएं हैं। जहां कई लोग इसे मर्दानगी तो कई लोग इस भगवान से जोड़कर देखते है। दुनियाभर में अलग अलग जगह पर सेक्‍स को लेकर कई पराम्‍पराएं है।

आपको जानकार आश्चर्य होगा कि पुराने जमाने की असामान्य सहवास की प्रथाएं और परम्पराएं आज भी कई जनजातियों में कायम है। हम आपको ऐसी परम्पराएँ बता रहे हैं जो कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में सेक्स के अलग-अलग मायने बताती हैं। इनमें से कुछ आपको बकवास सी भी लग सकती है। आइए जानते हैं... 

वीर्य पीकर साबित करनी होती है मर्दानगी

 सांबियन, पापुआ न्यू गिनी एक आदमी और एक ‘सच्चा योद्धा' बनने के लिए कबीले के युवा लड़कों को मां से अलग होना पड़ता है, और उन्हें कबीले के सबसे बड़े व्यक्ति के साथ लगभग 10 सालों तक रहना पड़ता है। उनके ‘आदमी' बनने की इस परंपरा में उन्हें उस बड़े व्यक्ति का वीर्य भी पीना पड़ता है और बहुत से गन्ने भी खाने पड़ते हैं ताकि उनके नाक से हर समय खून निकलता रहें। ये उनके मर्द होने की निशानी होती है।

मर्दानगी के लिए लिंंग पर लगाते है चीरा 

आस्‍ट्रेलिया की एक जनजाति मार्डुडजारा में मर्दानगी को प्राप्त करने के लिए अंतरंग काटने की रस्म है। यह प्रथा सबसे ज्यादा बर्बर प्रथाओं में से एक, इस एबोरजीनी संस्कार कहा जाता है इसे खतना रस्‍म भी कहा जा सकता है। इस रस्‍म में पुरुष अपने लिंग की ऊपरी खाल को निकालकर खाना पड़ता है। इसके बाद जब वो घाव भर जाता है तो एक धारदार हथियार से उनके पेनिस से लेकर अंडकोश तक चीरा दिया जाता है। ताकि पुरुष उस हिस्‍से के नीचे से पेशाब कर सकें। इस दौरान शरीर के इस हिस्‍से से निकलने वाले खून को अग्नि को चढ़ाया जाता है इसे पवित्र माना जाता है। सवाल यह है कि इस खतरनाक तरीके से मर्दों के प्राइवेट पार्ट को चोटिल करके कैसे मर्दानगी मिलती है?

6 साल में करने लगते है सेक्‍स 

पापुआ न्यू गिनी के ट्रॉब्रिएन्डर्स, जनजाति में लड़के 6 से 8 साल की उम्र में और लड़कियां 12 साल की उम्र से सेक्स करना शुरु कर देती है। इसे यहां बुरी नजर से नहीं देखा जाता है।

13 साल का लड़का बना सकता है उम्रदराज महिलाओं से संबंध 

दक्षिण प्रशांत महासागर के मंगिया द्वीप में 13 साल के लड़के को बड़ी उम्र की महिला के साथ संबंध बनाना होता है और वह उसे सिखाती है कि अपने पार्टनर को कैसे खुश किया जाता है।

भाईयों में बंटती है  पत्‍नी 

नेपाल के पहाड़ी इलाकों में पहाड़ की तलहटी में रहने वाले पहाड़ी जनजाति में एक महिला के कई भाईयों में आपस में शादी करवा देते हैं ताकि पैसे का बंटवारा ना हो। इसमें भाई आपस में टाइम शेड्यूल बनाते है कि कौनसे दिन वो अपनी पत्‍नी से संबंध बना सकते हैं।

अंडरवियर पहनकर करते है सेक्‍स.. 

आयरलैंड में सेक्स का इतिहास रूढ़िवादी और निरंकुश सा है। इनिस बीग में लोग सेक्स के दौरान भी अपनी अंडरवीयर पहने ही रखते हैं। इन लोगों का मानना होता है कि सेक्‍सुअल हेल्‍थ के लिए अच्‍छा होता है।

ग्रीस में प्राचीन गे लव 

प्राचीन ग्रीस में बायसेक्‍सुअल और गे लव बहुत ही आम था। यहां एक वयस्‍क का किशोर लड़के से शारीरिक रिश्‍ता बनना आम सी बात थी। यहां कम उम्र के लड़के को तब तक किशोर माना जाता था जब तक कि उसके दाढ़ी पूरी तरह विकास न कर लें। प्राचीन एथेंस में वयस्‍क आदमी को इरास्‍टेस कहा जाता जो अपने ऐरोमेनोस (कम उम्र के युवक) से सुंदरता से प्रेरित होकर उसे शिक्षा, सुरक्षा और प्‍यार मुहैया कराया करता था। लेकिन 12 साल की उम्र से कम किशोरों से रिश्‍ता बनाना अपराध माना जाता था।

किराए की पत्‍नी..

 ईरान की कुछ समुदाय में अगर आप किसी महिला को सेक्स के लिए अपनी पत्नी बनाना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं। किसी भी लड़की या महिला के राजी हो जाने पर आप उसे पैसे देकर कुछ दिनों तक अपने साथ अपनी पत्नी की तरह ही रख सकते हैं।

गैर मर्द से भी बना सकती है पत्नियां संबंध 

नाईजीरिया में निवास करने वाली वुदाबे नामक एक स्थानीय प्रजाति में अनेक सेक्स परम्पराएं प्रचलित हैं। यहां हर साल एक दिन के लिए एक मेले का आयोजन किया जाता है. कोई पुरुष किसी भी दूसरे पुरुष की पत्नी की सहमति पर उसे अपने साथ लेकर भाग जाता है और कोई इस बात पर नाराज भी नहीं होता है। इस मेले में सभी पुरुष एवं महिलाएं सभी विशेष रूप से सज धजकर तैयार होकर आते हैं।

सार्वजानिक तौर पर करते है मास्‍टरबेट 

मिस्‍त्र में कुछ समुदाय का मानना है कि इस धरती को एटम नाम के भगवान ने बनाया था। वो ये मानते है कि नील नदी के बहने के पीछे इसी देवाता की भूमिका है। इसलिए ऐसा माना जाता है कि मिस्‍त्र के फरोह भी नील नदी में मास्‍टरबेट किया करते थे। इसलिए मिस्‍त्र के लोग खुद को संतुष्‍ट करने के साथ फरोहा यानी मिस्‍त्र के राजा के अच्‍छी यौन क्षमता के लिए पुरुष सार्वजानिक तौर पर मास्‍टरबेट करते हैं।

अजनबी के साथ करते है 7 बार सेक्‍स

 इंडोनेशिया के बाली द्वीप के आसपास स्थानीय रिवाजों के मुताबिक Mount Kemukus में साल में एक बार आयोजित होने वाले फेस्टिवल में अनजान साथी के साथ सेक्स करने से एक-दूसरे की मनचाही मुरादें पूरी होती हैं। साथ ही निजी जीवन में भी उनके परिवार में खुशियां बनी रहती हैं। इसलिए दुनियाभर से लोग इस फेस्टिवल को एंजॉय करने के लिए यहां आते हैं। ये रस्म केवल एक समय के लिए होती हो।


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