किन्नरों के बारे में आठ ऐसी गुप्त बातें, जिन्हें पढ़कर आप चौक जाएंगे

By: jhansitimes.com
Mar 19 2017 11:50 am
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किन्नर समुदाय के बारे में ग्रंथों में विस्तार से बताया गया है  किन्नर न तो सम्पूर्ण रूप से मर्द होते है और न ही नारी । किन्नरो की सबसे अच्छी बात यह है कि ये हमारी हर ख़ुशी में शामिल होते है । ऐसा मन जाता है कि किन्नरो की दुआए बहुत पवित्र होती है मगर दूसरी और इनकी बदुआएं भयकर शाप होती है । हमे अक्सर ये लोग कही न कही जरूर दिख जाते है जैसे कि किसी बस स्टॉप पर या फिर किसी लोकल ट्रैन में । ज्यादातर लोग पैसे मांगने वाले भिखारियों को पैसे देने से इनकार करते देते है लेकिन बात अगर किन्नरो कि कि जाये तो इन्हें कोई इनकार नहीं करता।

 

किन्नर समुदाय के बारे में अगर किसी से पूछा जाये तो किसी को भी इनके बारे में ढंग से पता नहीं होता । इनकी अपनी एक अलग ही दुनिया होती है जिसमे इनका रहन-सहन आम लोगो से भिन्न होता है । हर कोई इनके बारे में जानना चाहता है इसलिए आज हम आपको यहाँ किन्नरो के बारे में बहुत सी ऐसी बाते बतायेगे जो आपने आज तक नहीं सुनी होगी । नीचे दी गयी गैलरी में आज आप किन्नरो के बारे में आठ ऐसी बाते जानेगे जो आपको आर्श्चयचकित कर देगी ।

1. ज्योतिष विद्या में यह मना जाता है कि वीर्य की अधिकता से पुरुष (पुत्र) का जन्म होता है। रक्त (रज) की अधिकता से स्त्री (कन्या) का जन्म होता है। और अगर वीर्य और रज समान हों तब किन्नर का जन्म होता है ।

2. जब किसी किन्नर कि म्रत्यु हो जाती तो समाज में इस बात कि भनक किसी को भी नहीं लगती । यहाँ तक कि इनका अंतिम संस्कार भी बहुत गुप्त तरीके से होता है ।

3. किन्नर समुदाय में जब किसी नए किन्नर को शामिल किया जाता है तब पहले नाच- गाना और सामूहिक भोज होता है । फिर पहले बहुत से रीति-रिवाजो का पालन करना पड़ता है ।

4. किन्नर समुदाय अरावन को अपना आराध्य देव मानते है जिनसे किन्नर साल में एक बार विवाह करते है । लेकिन यह विवाह मात्र एक दिन का ही होता है ।

5. पुरानी मान्यताओ में शिखंडी को किन्नर माना गया है। यह माना जाता है कि शिखंडी के कारण ही महाभारत में अर्जुन ने भीष्म को युद्ध में हराया था।

6. ऐसा कहा जाता है कि महाभारत में जब पांडव एक साल का अज्ञात वास जंगलो काट रहे थे उस समय अर्जुन लगभग एक वर्ष तक किन्नर वृहन्नला बनकर रहे थे।

7. एक ओर जहा यह कहा जाता है कि किन्नरो की उत्पत्ति ब्रहम्मा जी की छाया से हुई है वही दूसरी ओर यह भी माना जाता है कि अरिष्टा और कश्यप ऋषि से किन्नरों की उतपत्ति हुई है।

8. एक मान्यता के अनुसार अगर किसी के कुंडली में बुध, शनि, शुक्र और केतु के बुरे योग होते है तब वह व्यक्ति किन्नर या नपुंसक पैदा हो सकता है।


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