राशन की दुकान पर अंगूठा लगाने के इंतजार में बीत जाते घण्टो

By: jhansitimes.com
Oct 11 2018 05:21 pm
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(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा । शासन से उपभोक्ताओं को मिलने वाली राशन सामग्री पर खेल किया जा रहा है। यह खेल सिर्फ राशन की दुकानों तक ही सीमित नही बल्कि गोदामों में भी हो रहा है। सरकारी गोदामों में आयी चावल व गेहूं की बोरियों से खाद्यान्न निकाला जाता है और यही खाद्यान्न राशन की दुकानों पर भेज दिया जाता है। जिसकी क्षति उपभोक्ता को उठाना पड़ती है और शासन की मंशा भी पूरी नही हो पा रही है। गरीबों को राशन सामग्री सस्ते दरों पर शासन द्वारा मुहैया करायी जा रही है। हालांकि शासन ने काला बाजारी रोकने के लिये विभिन्न प्रयोग किये है। राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीन भेजी गयी है।

राशन की दुकानों पर इन मशीनों पर अंगूठा लगाने के बाद पर्ची निकलती है और उसके बाद उपभोक्ता को राशन सामग्री मिलती है। कभी-कभी मशीन भी अंगूठा नही लेती है जिस कारण उपभोक्ताओं को घण्टो राशन की दुकान पर लाइन लगाना पड़ती है और परेशान होना पड़ रहा है। राशन द्वारा उपभोक्ताओं को परेशानी न पड़े जिसके लिये अनेक प्रयोग किये गये लेकिन भ्रष्टाचार का दीमक जो लगा है वह खत्म होने का नाम नही ले रहा है और इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। जनपद में स्थित सरकारी राशन की दुकानों में हमेशा यह दृश्य देखने को मिलते है कि उपभोक्ताओं की लाइन लगी है लेकिन उनका नम्बर अंगूठा लगाने के बाद भी पर्ची नही निकलती । जिससे वह घण्टो अपनी बारी का इंतजार करते रहते है। इतना ही नही राशन विक्रेता भी उपभोक्ताओं के साथ खेल कर रहे है। उन्हें पर्याप्त राशन  सामग्री निर्धारित तौल के अनुसार नही मिल पाती। लेकिन राशन की दुकान पर कांटा सही बताता है, ताज्जुब इस बात का है कि जिले के जिम्मेदार अधिकारी यह सब जानकर भी खामोश बैठे है। इतना ही नही शासन द्वारा यह भी निर्देश दिये गये थे कि राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारियों के पहुंचने पर ही राशन सामग्री उपभोक्ताओं को दी जाये। लेकिन यह सब आदेश हवा-हवाई साबित हो रहे है। इतना ही नही राशन की दुकानों के अलावा सरकारी गोदामों में भी खेल हो रहा है जिसका जीता, जागता उदाहरण पिछले दिनों कुलपहाड़ के सरकारी गोदाम में देखने को मिला यहां गोदाम में रखी गेहूं व चावल की बोरियों से गल्ला निकाला जा रहा है और यही गल्ला एकत्रित करते हुये उसकी काला बाजारी की जाती है।

गोदामों में जब यह खेल होगा तो उपभोक्ताओं को निर्धारित खाद्यान्न कैसे मिलेगा इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। सरकारी गोदाम कुलपहाड़ से खाद्यान्न निकाले जाने के सम्बन्ध में जब गोदाम प्रभारी जीतेन्द्र कुमार से बात की तो उनका कहना था कि उन्होंने अभी आकर गोदाम का चार्ज ग्रहण किया है पूर्व में क्या होता रहा इसकी जानकारी नही है लेकिन फिर भी पता लगाया जा रहा है, उन्होंने बताया ठेकेदार द्वारा जो लेवर गोदाम में कार्य करने के लिये लगाई थी उसमें दो कर्मचारी हंगामा करते थे तथा  विवाद भी करते थे। जिनकी कोटेदारों द्वारा शिकायतें भी की गयी थी उन्हें  बाहर कर दिया गया है। उक्त मामले से एसडीएम को भी अवगत कराया गया है। 


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