प्यास बुझाने को मारे, मारे घूम रहे है अन्ना मवेशी, खाली पड़ी है चरही, गंदा पानी पीकर बुझा रहे प्यास

By: jhansitimes.com
Apr 16 2018 05:45 pm
164

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा। प्यास बुझाने के लिये मवेशी मारे, मारे घूम रहे है, चरही तो है लेकिन वह पानी से खाली है। लिहाजा मवेशियों के सामने प्यास बुझाने का संकट खड़ा हो गया है, इस दिशा में जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम अब, तक नहीं उठाये गये है। 

पिछले वर्षो में सूखा के दौरान हैण्डपम्प से जोड़कर चरही का निर्माण कराया गया था, मकसद यह था, कि हैण्डपम्प से बेफिजूल मे बहकर बर्बाद होने वाला पानी चरही में पहुंचकर मवेशियों के काम आ सकें। लेकिन यह व्यवस्था भी ज्यादा दिनांे तक कामयाब न हो पायी कुछ दिनों के बाद चरही की देख भाल न होने के कारण वह टूट, फूट गई और उनतक पहंुचने वाला पानी यहां वहां से बह कर बर्बाद हो रहा है, हालांकि इस काम में लाखों रुपये व्यय किये गये थे, लेकिन यह धन राशि पानी में मिल गयी। 

मई के महीनें में भीषण गर्मी पड़ रही है, और झुण्ड के झुण्ड में अन्ना जानवर खाली खेतो में पानी की तलाश में भटक रहे है। यह तस्वीर पिपरा माफ गांव के पठारी मजरा की है, जहां चरही तो है लेकिन वह पानी से खाली है। और उसके बगल में मवेशी प्यास बुझाने के लिये भरी दोपहरी भटक रहे है, कमोवेश इसी तरह के हालात पूरे जनपद में दिखाई पड़ते है। जहां मवेशियों की प्यास बुझाने की दिशा में ठोस कदम उठाये जाने के बजाये सिर्फ बातों के बताशे ही फोड़े जा रहे है। खेत खाली हो जाने के बाद अन्ना मवेशियों के सामने भूसा, चारा की भी समस्या उत्पन्न होने लगी है, न तो उन्हें पेट भरने के लिये भूसा, चारा उपलब्ध हो पा रहा है, और न हीं प्यास बुझाने के लिये आसानी के साथ पानी सुलभ हो पा रहा है। लिहाजा मवेशी गांव के गढडो में गंदा, संदा पानी पीकर प्यास बुझाने को मजबूर है। 


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।