हनुमान जयंती पर 120 साल बाद बना ये ख़ास संयोग, जानिए कहां रहते हैं पवन पुत्र

By: jhansitimes.com
Apr 10 2017 02:44 pm
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कलयुग में हनुमान जी को जागृत देवता माना जाता है। ज्यादातर लोग हनुमान जी के उपासक होते हैं। हनुमान चालीसा में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है कि – 'चारो जुग परताप तुम्हारा है परसिद्ध जगत उजियारा।' इस चौपाई में साफ संकेत है कि श्रीहनुमान ऐसे देवता है, पर जो हर युग में किसी न किसी रूप, शक्ति और गुणों के साथ जगत के लिए संकटमोचक बनकर मौजूद रहते हैं। लेकिन प्रश्न यह है कि कलियु में हनुमान जी कहां रहते हैं। पौराणिक मान्यतओं में कलियुग में श्रीहनुमान का निवास गन्धमादन पर्वत (वर्तमान में रामेश्वरम धाम के नजदीक) पर है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि कलियुग में जहां-जहां अपने श्रीराम का ध्यान, भजन और स्मरण होता है वहां-वहां वो अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। स्तुतियों में लिखा भी गया है कि – 'यत्र-यत्र रघुनाथकीर्तनं तत्र-तत्र कृत मस्तकांजलिं।'

 कहते हैं कि रामभक्त हनुमान अपने भक्तों पर जल्द प्रसन्न होते हैं । इसलिए हनुमान भक्तों के लिए हनुमान जयंती बेहद खास होती है। इस बार हनुमान जयंती 11 अप्रैल 2017 को है।   ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार 120 साल बाद इस बार हनुमान जयंती पर खास संयोग बन रहा है। दरअसल, इस हनुमान जयंती पर कुछ वैसा ही संयोग देखने को मिलेगा, जैसा कि शास्त्रों में हनुमानजी के जन्म के समय बताए गए हैं।

मंगलवार-शनिवार को हनुमानजी का विधिवत पूजन करने से सभी प्रकार के कष्ट और क्लेश नष्ट हो जाते हैं।कच्ची घानी के तेल के दीपक में लौंग डालकर हनुमान जी की आरती करें, संकट दूर होगा और धन प्राप्त होगा।

धन लाभ प्राप्ति के लिए मंगलवार या हनुमान जयंती के दिन चंदन के नौ पैकेट लेकर केले के वृक्ष पर टांग दें। स्मरण रहे यह चंदन पीले धागे से ही बांधना है।

मंगलवार या शनिवार को 11 पीपल के पत्ते लेकर साफ जल से धो लें। इन पत्तों पर चंदन से या कुमकुम से श्रीराम का नाम लिखें। इसके बाद हनुमानजी के मन्दिर जाएं और उन्हें ये पत्ते अर्पित कर दें। ऐसा करने से जीवन के सारे दुख दूर होंगे।

प्रत्येक मंगलवार या शनिवार को सिंदूर एवं चमेली का तेल हनुमानजी को अर्पित करें। इस उपाय से भक्त की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।

हर मंगलवार और शनिवार को किसी भी हनुमान मंदिर में 11 काले उड़द के दाने, सिंदूर, चमेली का तेल, फूल, प्रसाद अर्पित करें। साथ ही सुन्दरकांड का पाठ या हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धन और समृद्धि प्राप्ति के लिए  हर दिन रात में सोने से पहले हनुमान जी के सम्मुख सरसों के तेल का मिट्टी का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धन के मार्ग को बाधारहित करने के लिए रामायण या श्रीरामचरित मानस का पाठ करें या रोजाना इनके दोहे पढ़ें। साथ ही रोजाना हनुमान जी को धूप-अगरबत्ती और फूल अर्पित करें।

 हनुमानजी का फोटो घर में पवित्र स्थान पर इस प्रकार से लगाएं कि हनुमान जी दक्षिण दिशा की ओर देखते हुए दिखाई दें। यह उपाय आपके विरोधियों को शान्त कर, धन देगा। मनोवांछित कामना पूर्ण करने के लिए सामर्थ्य अनुसार किसी विशेष पर्व या तिथि पर हनुमान जी का विशेष श्रृंगार करेंआ

इस बार हनुमान जयंती पूर्ण‍िमा तिथि, चित्रा नक्षत्र रहेगा। शास्त्रों में हनुमानजी के जन्म के समय यही संयोग बताए गए हैं। इस दिन गजकेसरी योग और अमृत योग भी बन रहा है। यदि आप पर शनि की साढ़े साती या ढैय्या चल रही है तो आपके लिए यह दिन और भी शुभ होगा।

हनुमानजी भगवान शिव के 11वें अवतार माने जाते हैं और वानरदेव के रूप में रामभक्ति और राम कार्य सिद्ध करने के लिए अवतरित हुए थे। हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं।  हनुमान जी अपने भक्‍तों का हर कष्ट दूर करते हैं। हनुमान जी कृपा के लिए कुछ उपाय है जिन्हें करने से उनकी कृपा बनी रहेगी।


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