अनोखी शादी: एक मंडप, एक दूल्हा और तीन दुल्हन

By: jhansitimes.com
Jun 23 2018 09:21 am
596

उदयपुर: कोई शख्स जब 1 या 2 नहीं बल्कि 3 महिलाओं से शादी करे तो सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लगेगा. लेकिन यह सत्य है और ऐसा ही हुआ है राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य इलाके उदयपुर में. वहां ऐसी ही एक अनोखी शादी देखने को मिली. इस शादी में एक दिव्यांग दूल्हे ने तीनों महिलाओं से एक साथ शादी कर जीवन भर साथ देने का संकल्प लिया.

दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य इलाके में लिव-इन-रिलेशनशिप में बरसों साथ रहने के बाद शादी करने की परंपरा है. यहां सैंकड़ों वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है. उदयपुर के झाड़ोल तहसील के आडोल गांव में 32 वर्षीय एक दिव्यांग नक्कालाल कसोटिया ने गुरुवार को एक मंडप के नीचे तीन महिलाओं से शादी रचाई. नक्कालाल इनमें से पहली महिला के साथ 12 वर्ष तो दूसरी महिला से 8 वर्ष से लिव-इन-रिलेशनशिप में था. नक्कालाल की तीसरी दुल्हन भी ओर कोई नहीं, बल्कि 12 वर्ष से उसके साथ रहने वाली महिला की ही छोटी बहन है. उसके साथ भी वह 1 साल से लिव-इन-रिलेशनशिप में था.

नक्कालाल के जीवन में आई पहली महिला अलसीगढ़ की कंतु बाई है. वह नक्कालाल से उम्र में 13 साल बड़ी है. नक्कालाल कंतु बाई के साथ पिछले 12 वर्षों से लिव-इन-रिलेशनशिप में है. कंतु बाई के साथ होते हुए भी नक्कालाल को गिर्वा इलाके के फोकटा गांव की दिव्यांग पुनकी नाम की महिला से प्यार हो गया. नक्कालाल उसे घर ले आया, लेकिन बरसों तक दोनों ही महिलाओं से नक्कालाल को कोई संतान नहीं हुई. ऐसे में नक्कालाल पिछले साल अपने से 5 साल छोटी कंतु बाई की बहन रेखा को अपने घर लाया. तीनों ही महिलाओं के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने लगा. रेखा के गर्भवती होने पर नक्कालाल ने तीनों से शादी करने की सोची. उसने गुरुवार को गांव में रिश्तेदारों की मौजूदगी में एक ही मंडप के नीचे तीनों से शादी कर ली.


comments

Create Account



Log In Your Account



छोटी सी बात “झाँसी टाइम्स ” के बारे में!

झाँसी टाइम्स हिंदी में कार्यरत एक विश्व स्तरीय न्यूज़ पोर्टल है। इसे पढ़ने के लिए आप http://www.jhansitimes .com पर लॉग इन कर सकते हैं। यह पोर्टल दिसम्बर 2014 से वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झाँसी (उत्तर प्रदेश )आरंभ किया गया है । हम अपने पाठकों के सहयोग और प्रेम के बलबूते “ख़बर हर कीमत पर पूरी सच्चाई और निडरता के साथ” यही हमारी नीति, ध्येय और उद्देश्य है। अपने सहयोगियों की मदद से जनहित के अनेक साहसिक खुलासे ‘झाँसी टाइम्स ’ करेगा । बिना किसी भेदभाव और दुराग्रह से मुक्त होकर पोर्टल ने पाठकों में अपनी एक अलग विश्वसनीयता कायम की है।

झाँसी टाइम्स में ख़बर का अर्थ किसी तरह की सनसनी फैलाना नहीं है। हम ख़बर को ‘गति’ से पाठकों तक पहुंचाना तो चाहते हैं पर केवल ‘कवरेज’ तक सीमित नहीं रहना चाहते। यही कारण है कि पाठकों को झाँसी टाइम्स की खबरों में पड़ताल के बाद सामने आया सत्य पढ़ने को मिलता है। हम जानते हैं कि ख़बर का सीधा असर व्यक्ति और समाज पर होता है। अतः हमारी ख़बर फिर चाहे वह स्थानीय महत्व की हो या राष्ट्रीय अथवा अंतरराष्ट्रीय महत्व की, प्रामाणिकता और विश्लेषण के बाद ही ऑनलाइन प्रकाशित होती है।

अपनी विशेषताओं और विश्वसनीयताओं की वजह से ‘झाँसी टाइम्स ’ लोगों के बीच एक अलग पहचान बना चुका है। आप सबके सहयोग से आगे इसमें इसी तरह वृद्धि होती रहेगी, इसका पूरा विश्वास भी है। ‘झाँसी टाइम्स ‘ के पास समर्पित और अपने क्षेत्र में विशेषज्ञ संवाददाताओं, समालोचकों एवं सलाहकारों का एक समूह उपलब्ध है। विनोद कुमार गौतम , झाँसी टाइम्स , के प्रबंध संपादक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। जो पूरी टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्हें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का पिछले लगभग 16 वर्षों का अनुभव है। के पी सिंह, झाँसी टाइम्स के प्रधान संपादक हैं।

विश्वास है कि वरिष्ठ सलाहकारों और युवा संवाददाताओं के सहयोग से ‘झाँसी टाइम्स ‘ जो एक हिंदी वायर न्यूज़ सर्विस है वेब मीडिया के साथ-साथ पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना विशिष्ट स्थान बनाने में कामयाब रहेगा।