असुरक्षित महिलाएं, कौन सुनेगा फरियाद?

By: jhansitimes.com
Jan 13 2018 01:02 pm
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झाँसी। योगी राज में महिलाओं की  सुरक्षा और उनके कल्याण के लिए बहुत चिंता जताई जाती है, मगर धरातल पर सारी योजनाएं और कानून धरे रह जाते हैं, जब महिलाओं की अस्मत पर सीधे हमला होता है। ऐसे ही दो मामले बीते रोज फिर पुलिस ने दर्ज किए। ये तो वह मामले हैं जो थाने तक पहुंच गए, वरना अनगिनत ऐसे मामले तो लोक-लाज के भय से घर की चाहरदीवारी में ही दम तोड़ देते हैं। 

प्रदेश की भाजपा सरकार में महिलाओं की सुरक्षा और उनके साथ छेडख़ानी व अस्मत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही जाती है। प्रत्येक नेता, मंत्री इन घटनाओं के दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की वकालत करता है। इसके बावजूद न तो मनचलों में खौफ है और न ही बलात्कारियों में। बीते रोज ही एरच थाना क्षेत्र के ग्राम खलार में रहने वाली एक महिला ने पुलिस को शिकायत करते हुए बताया कि वह अपने खेत से घर आ रही थी। रास्ते में गांव का एक युवक मिला और उससे छोडख़ानी करते हुए अश्लील हरकतें करने लगा। उसने विरोध किया तो विपक्षी ने उसके  कपड़े फाड़ दिए और बलात्कार का प्रयास किया। उसके शोर करने पर आरोपी भाग गया। पुलिस ने आरोपी प्रेमनारायण अहिरवार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। 

इसी प्रकार मऊरानीपुर के ग्राम वीरा बौड़ा निवासी एक महिला अपने घर में अकेली थी और रोजमर्रा के कार्यों में लगी थी। इसी दौरान गांव का पूर्व प्रधान अपने साथियों के साथ आया और उसके साथ अश£ील हरकतें करने लगा। महिला के विरोध करने उसके शरीर से छेड़छाड़ करते हुए बलात्कार की कोशिश की। सफलता न मिलने पर उसने महिला की मारपीट की और भाग गया। महिला की शिकायत पर पूर्व प्रधान हृदेश, राजेंद्र उर्फ कल्लू व मोनू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया। 

अब ऐसी घटनाओं पर ही नियंत्रण नहीं है, तो बड़े अपराधों पर क्या नियंत्रण होगा। योगी जी,सिर्फ बातों से कानून का अमल नहीं होता, उसका खौफ होना जरूरी है अपराधियों में। थानों में बैठी आपकी पुलिस ही ऐसे मुकदमों में अपराधियों से सांठगांठ कर अपनी जेबें गर्म करने से नहीं चूकती। तो महिलाओं की अस्मत की रक्षा कौन करेगा? 


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