शर्मनाक तस्वीर के साथ... अजय झा की ग्राउंड रिपोर्ट- गुजारे के लिए दिन भर नदी थथोलतीं हैं ये महिलाये

By: jhansitimes.com
Sep 03 2017 09:55 am
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(प्रमोद कुमार गौतम के साथ अजय झा की खास रिपोर्ट ) झांसी। न जाने अब तक कितनी सरकारें आईं और गईं, नहीं गई तो बुन्देलखंड के गरीबों की बदकिस्तमी। आज भी उन्हें अपना जीवन मौत के समान लगता है। ऐसा कहना है मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जनपद में रहने वाली उन अधेड़ महिलाओं का। जो बेतवा नदी की कोख में घंटो रहकर केवल 30 से 40 रुपए ही निकाल पाती है। जिससे वह अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं। 

यह है मध्य प्रदेश में बुन्देलखंड के टीकमगढ़ जनपद का ग्राम आजादपुरा। यह गांव एक अति पिछड़ा इलाका है। यहां रहने वाले स्थानीय लोग बड़ी मश्किल से अपना और अपने परिवार का जीवन यापन करते हैं। उनके इस दर्द को जाना ओरछा में जाकर झांसी टाईम्स की टीम ने। जहां उन्होंने नदी के अन्दर सिक्के तलाश रहीं बुर्जुग महिलाओं से उनके दुःख और दर्द को सुना। जिसे सुनकर हमारे साथ-साथ किसी के भी रोंगटे खड़े हो सकते हैं। 

चलिए हम अवगत कराते हैं आपकों ग्राम आजादपुरा में रहने वाली आदिवासी 50 वर्षीय सीता, 50 वर्षीय जेवा और 55 वर्षीय धनकुंवर के दर्द से। ये महिलायें बेतवा नदीं में सिक्के तलाश रहीं थी।  उनका कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में कई सरकारों और नेताओं को आते-जाते देखा है। सभी उनके गांव आकर उनकी तकदीर को बदलने का वादा करतें हैं लेकिन यह केवल वादों तक ही सिमटकर रह जाता है। कई सालों से कुदरत की मार से परेशान बुन्देलखंडवासियों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। पेट भरने का सकंट दिन प्रतिदिन गहराने लगा है। गांव में असानी से मजदूरी नहीं मिलती है। जिस कारण उन्हें रोज अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ती है। 

सीता, जेवा और धनकुंवर का कहना है कि गांव के नजदीक बेतवा नदी हैै। इस नदी के पुल से गुजरने वाले और पूजा अर्चना करने वाले लोग 1 और 2 व 5 रुपए के सिक्के डालते है। जिन्हें पाने के लिए वह घंटो नदी में डूबे रहकर उन्हें बीनतीं हैं। सुबह से लेकर शाम पानी के अंदर रहकर वह मुश्किल से 30 से 40 रुपए ही तलाश कर पातीं हैं। जिनसे किसी प्रकार वह अपना घर चलाती है। कभी-कभी तो यह भी उन्हें नहीं मिलता है। अब आप ही बतायें कि 30-40 रुपए में यह महिलायें अपना गुजर-बसर कैसे चलाती हैं। 

यह कहानी केवल सीता, जेवा और धनकुवंर की ही नहीं बल्कि न जाने बुन्देलखंड की कितनी महिलाओं और पुरुषों की है। 


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