अफसरों की लापरवाही में फंसी #स्मार्ट_सिटी, #झांसी में बने #पिंक_टॉयलेट में लगा ताला

झांसीदेशबुन्देलखंडमध्य प्रदेशयूपीहोम

उल्लास पूर्ण वातावरण में मनाया जा रहा प्रकाश पर्व दीपावली

264Views

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा । शनिवार को ज्योति पर्व दीपावली धार्मिक रीतिरिवाज व परम्परागत तरीकों के साथ मनाया गया, शुभ मुहूर्त में विधिविधान के साथ लक्ष्मी व गणेश की पूजा की गयी। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण हुआ, शाम के वक्त पूरा शहर दीपक व झालरों की रोशनी से जगमगा गया। शाम से शुरू हुयी आतिशबाजी और पटाखों की गूंज देर शाम तक फिजा में सतरंगी छटा बिखेरते रहे।
दीपावली पर्व को लेकर बीते कुछ दिनों से लोगों के बीच खासा उत्साह झलक रहा था, और इसको लेकर घर, घर व्यापक तौर पर तैयारियां चल रही थी, शनिवार को रोशनी का पर्व दीपावली पूरी श्रद्धा व भक्ति भाव के बीच उल्लास के साथ मनाया गया। शाम होते ही, घर, घर दिये जला कर रोशनी की गयी। इसके अलावा बिजली चलित झालरों से घर, द्वार, दुकानों को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। सूरज के ढलते पूरा नगर प्रकाश की रोशनी में नहा उठा।
दीपावली पर्व पर मिठाईयों की दुकानों में व्यापक भीड़ दिखाई पड़ी पर्व को दृष्टिगत रखते हुये हलवाईयों ने अस्थाई तौर पर दुकानों का विस्तार किया था, फूल पण्डाल लगाकर दुकानों को सजाया गया था, जहां सुबह से ही लोग पहुंचकर मनपसंद मिठाईयों का क्रय कर रहे थे। यहां ढाई सौ रूपयें किलो से लेकर चार सौ रुपये किलो तक मिठाइयां बिक रही थी, लोगों ने अपने क्रय शक्ति के अनुसार मिठाइयों का खरीदा।
दुकानों और कारखानों में कार्य करने वाले श्रमिकों के बीच इन मिठाइयों का सह्रदय वितरण किया गया, मिठाई पाकर गरीबों के चेहरों में मुस्कान बिखर गयी। इसी तरह बाजार में पूजा के लिये लक्ष्मी व गणेश भगवान की मूर्तियों की मांग खूब रही, इनके बड़े स्टाल शहर के तमाम स्थानों पर लगाये गये थे।
दीपावली पर्व पर आतिशबाजी और पटाखों की भी खूब बिक्री हुयी। इन्हें इनकी दुकानें शहर से दूर कीरत सागर के नजदीक लगाई गयी थी, जहां पहुंचकर लोगों ने अपनी पसंद के अतिशबाजी व पटाखें खरीदें। बच्चों ने रंग बिरंगी फुलझरियां खरीदी शाम होते ही आतिशबाजी, फुलझरिया व पटाखों की गंूज से शहर गंूज उठा। देर शाम तक शहर में आतिशबाजी व पटाखें छुड़ाये जाते रहे। पर्व पर शांति व्यवस्था बनाये रखने की गरज से जगह, जगह पुलिस जवानों की डयूटी लगाई गयी थी, नगर में पर्वों को आपस में मिल,जुलकर मनाये जाने की परम्परा प्राचीन है।  और इसका निर्वाह आज भी हिन्दु और मुस्लिमों द्वारा उसी तौर पर किया जा रहा है।

घरोंदा बनाने की है पुरानी परम्परा
बुन्देलखण्ड में दीपावली पर्व पर बच्चों द्वारा घरोंदा बनाया जाता है, जिसे स्थानीय भाषा में घरघूल्हा भी कहते है। मिटटी के इस घरघूल्हा को बनाने के बाद उसे आकर्षक तरीके से सजाया गया। दिये रखकर प्रकाश किया गया। प्राचीन चली आ रही इस परम्परा का आज भी यहां निर्वाह किया जा रहा है। दिपावली पर्व पर बच्चों द्वारा उमंग के साथ घरोंदा बनाये जाते है। उन्हे दीपावली पर्व का बेसब्री से साल भर तक इंतजार रहता है। कि कब दीपावली आये और वे मिटटी का घरघुल्हा बनाये। मिटटी के इस घरोंदे को बच्चों द्वारा बेहद आकर्षक कारीगरी के साथ तैयार किया जाता है, बच्चों द्वारा बनाये जाने वाले इस घरोंदे के निर्माण में उनकें घर वालों द्वारा भी सहयोग किया जाता है, घरोंदा बनने के बाद इसे दिये के प्रकाश से रोशन किया जाता है।

पर्व पर बाजार में पुलिस का रहा कड़ा पहरा
दीपावली पर्व पर पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आयी। मुख्यालय के मैन बाजार से लेकर ऊदल चैक में पुलिस अधिकारियों के साथ पुलिस के जवान भ्रमण करते देखे गये। सीओ सदर कालू सिंह के अलावा कोतवाली पुलिस के जवान पर्व पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे और शरारती तत्वों पर भी निगरानी रखे रहे। मैन बाजार में बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगी हुयी है। पुलिस के जवान बड़े व भारी वाहनों के प्रवेश नहीं करने दे रहे है। दुकानों में खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है और पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रही है। पुलिस जवानों के अलावा महिला पुलिस भी बाजार में भ्रमण कर रही है और पूरी निगरानी की जा रही है।

jhansitimes
the authorjhansitimes