कथित पुष्पेन्द्र एनकाउंटर कांडः पहला करवा चौथ भी नहीं मना पाई बेचारी, रोया गांव

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file photo

झांसी। न जाने भगवान ने मेरी किस्मत किस स्याही से लिखी थी कि आज वह अपना पहला करवा चैथ भी नहीं मना पा रही है। उसने कभी सपने भी नहीं सोचा था कि उसकी मांग मात्र तीन माह में ही उजड़ जायेगी। उससे ज्यादा बदनसीब कोई नहीं होगा, जिसने अपने पति की अंतिम क्षणों में भी सूरत नही देखी होगी। ऐसे ही कई सवालों के जबाब आज झांसी के करगुवां खुर्द में रहने वाली शिवांगी उस प्रशासन से पूछ रही होगी जिसके कारण उसके पहले करवा चौथ की खुशियां मातम में बदली हुई है। इन आंसूओं को देखकर पूरा गांव रो रहा है।
जी, हां हम बात उसी शिवांगी की बात कर रहे हैं जिसके पति पुष्पेन्द्र यादव की कुछ दिन पहले झांसी पुलिस के कथित एनकउंटर के कारण मौत हो गई थी। करवा चौथ पर आज जब सुहागिनें चांद देखकर अपने पति की पूजा कर रही थी तो शिवांगी अकेले में जाकर अपने पति की तस्वीर देखकर दहाड़े मार-मारकर रो रही थी। क्योंकि उसने तो अभी सही प्रकार से करवा चौथ का ही मतलब नहीं समझा होगा। उसकी शादी तीन माह पहले हुई थी। यह उसका पहला करवा चौथ है। उसे पति का चेहरा देखना भी नसीब नहीं हुआ है।
मालूम हो कि झांसी के करगुवां खुर्द में रहने वाले पुष्पेन्द यादव की अभी कुछ दिन पहले कथित एनकाउंटर में मौत हो गई थी। पुष्पेन्द्र के मौत के बाद मुकद्मा दर्ज कराने की मांग को लेकर उसने अपने पति की अंतिम क्षणों में भी सूरत नहीं देखी थी। प्रशासन ने उसके ही नहीं बल्कि पूरे परिवार की गैर मौजूगी में जाकर गांव से दूर अंतिम संस्कार कर दिया था।

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