सावधान! टोल पर गुजरना है तो फास्टैग लगवाए वाहनों पर, वरना 1 दिसम्बर से लगेगा दोगुना जुर्माना

झांसी। यदि आप हाइवे पर वाहन लेकर चल रहे हैं और फास्टैग कार्ड नहीं है आपके पास तो आपकों 1 दिसम्बर के बाद नेशनल हाईवे के सभी टोल बैरियलों पर दो गुना टोल देना पड़ेगा। क्योंकि टोल बैरियलों पर अब डिजिटल पैमेंट की व्यवस्था शुरु होने जा रही है। नए नियम लागू होने के बाद कैश पैमेंट देने पर आपको टोल पर निर्धारित शुल्क से दोगुना पैसा देना पड़ेगा। यह जानकारी दी है नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट के डायरेक्टर राजीव पाठक एवं मुख्य परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान ने।
मालूम हो कि टोल बैरियल पर वाहन स्वामियों या फिर चालकों से शुल्क लेने के कारण अक्सर जाम के कारण वाहनों की लम्बी-लम्बी कतारें लग जाती है। जिससे छुटकारा दिलाने के लिए शासन की ओर से टोल बैरियलों पर 1 दिसम्बर से नया नियम लागू होने जा रहा है। इस नये नियम को अपनाने के लिए आपको फास्टैग लेना पड़ेगा। इस फास्टैग की मदद आपका टोल बैरियल से निकलते समय आॅन लाइन पैमेंट हो जायेगा।
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव पाठक एवं मुख्य परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान ने बताया कि इसके लिए लगातार टोल बैरियलों पर प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को जागरुक कर जानकारियां दी जा रही है। नेशनल हाईवे के सभी टोल बेरियलों पर फास्टैग लेन बनाई गईं है। जहां से गुजरते समय वाहन स्वामी या फिर चालक को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही वाहन स्वामी को सबसे बड़ा फायद यह होगा कि उसे हर भुगतान पर 2.5 प्रतिशत कैश बैक मिलेगा।

यहां-यहां मिलेगा फास्टैग
वाहन स्वामी अमेजाॅन, एयरटेल, एक्सिस बैंक, बैंक आॅफ बरौदा, पेटीएम, यश बैंक, यूनियन बैंक, एसबीआई बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत अन्य चुनिंदा बैंकों से फास्टैग खरीद सकते हैं। नए नियम को बढ़ावा देने के लिए अभी नेशनल हाईवे के टोल बैरियलों पर यह फास्टैग 1 दिसम्बर तक निःशुल्क मिल रहा है। जिसका उसे कोई भी शुल्क नहीं देना पड़ेगा। अभी तक इसके लिए वाहन स्वामियों से 150 रुपए लिए जाते थे। इसके अलावा चुनिंदा पेट्रोल पम्प से भी इसे कार्ड को लिया जा सकता है। फास्टैग अकांउट को माई फास्टैग एप या अन्य आॅन लाइन माध्यमों से आसानी से रिचार्ज किया जा सकता है।

फास्टैग लेते समय यह दस्तावेज होंगे अनिवार्य
फास्टैग खरीदते समय वाहन स्वामी को वाहन का रजिस्ट्रेशन, वाहन मालिक का फोटो, मालिक के केवाईसी दस्तावेज एवं एड्रेस प्रूफ दस्तावेज देना होगा।

ऐसे करेगा यह काम
फास्टैग को वाहन स्वामी के खाते से लिंक किया जायेगा। फास्टैग लगी गाड़ी जैसे ही टोल बैरियल से गुजरेगी तो वहां लगे सेंसर उसे आॅटोमेटिक रीड कर लेगा। रीड करते ही खाते से निर्धारित शुल्क कट जायेगा और बूम खुलते ही वाहन निकल जायेंगा। इससे समय और ईधन की बचत भी होगी।

फास्टैग न होने पर इन परेशारियों का करना पड़ेगा सामना
नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट डायरेक्टर राजीव पाठक एवं मुख्य परियोजना अधिकारी सुल्तान अहमद खान ने बताया कि यदि आपकी गाडी पर फास्टैग नहीं है तो अपकों इकलौती वाहन की लम्बी कतार का सामना करना पड़ेगा। जिसके लिए आपकों टोल बैरियल पार करने के लिए घंटो समय खराब करना पड़ेगा। साथ ही कैश पैमेंट करते समय आपकों दोगुना चार्ज देना पडेगा। इतना नहीं यदि आप बूम तोड़कर भागने का प्रयास करते है तो आपके विरुद्ध मुकद्मा दर्ज होने के साथ लाइसेंस भी रद्द हो सकता औरं सजा भी।