महाशिवरात्रि और होली के पर्व की तैयारियों को लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों के कसें पेंच

झांसी। आने वाले दिनों में शिवरात्रि एवं होली का पर्व है। जिसे शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से मनाये। इसके लिए आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफें्रसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ मीटिंग की। मीटिंग के दौरान उन्होंने कई बिंदुओं पर चर्चा की।
वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ की मीटिंग करते हुए कहा कि प्रदेश भर के समस्त शिवालयो में ब्रहममूर्त से ही जलाअभिषेक प्रारंभ हो जाएगा, अतः साफ-सफाई के साथ विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। 9 मार्च को होली दहन और होली समारोह आयोजित होंगे। होली आयोजन पर सतत् दृष्टि बनाए रखें, कहीं पर भी अप्रिय घटना ना हो। समारोह के आयोजकों से अवश्य संवाद स्थापित करें और सकारात्मक रूप से उनसे जुड़े। होली का मतलब हुड़दंग नहीं हो सकता, कोई रंग डालने से मना करता है तो जबरदस्ती ना करें।


उन्होंने कहा कि विगत वर्षों में लगातार शिवरात्रि और होली पर घटनाओं में कमी आ रही है। इस वर्ष कोई घटना घटित ना हो, यह सुनिश्चित किया जाए। ऐसे जिले जहां पूर्व में घटना कोई घटना हुई है, वह अवश्य पर्व की तैयारियो की गहन समीक्षा कर लें। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर एनजीओ व व्यापारियों के साथ श्रद्धालुओं की सुविधाओं  सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का भी प्रयास करें। शिवालयों के आसपास सफाई कर्मी तैनात कर ले, गंदगी कतई ना हो । इसके साथ ही शिवालयों के आसपास  जैम की स्थिति ना हो, यातायात व्यवस्थित हो। उन्होंने भीड़ भाड़ वाले इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की भी निर्देश दिए, ताकि उपद्रवियों पर नजर रखी जा सके।
मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए कहा कि फील्ड में जाते हैं तो ढेरो समस्या मिलती है। अधिकारी कई बार कहने के बाद भी जन सुनवाई नहीं करते है। जिलाधिकारी स्वयं  व अपने अधिकारियों को प्रातः कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतों को सुनने व उनके निस्तारण के निर्देश दिए। बुंदेलखंड की चित्रकूट, बांदा व जालौन में प्रगति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि   कार्यक्रम आयोजित कर समस्त गौवंश को ईयरटेक से आच्छादित किया जाए। गौ आश्रय स्थल में यदि गोवंश की मौत होती है तो उसे तत्काल दफनाए जाने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सरकार की छवि के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।
खनन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि बुंदेलखंड में अवैध खनन रोका जाए। डीएमएफ के लिए प्लानिंग तय करते हुये व्यय करने का सुझाव दिया। खनन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाये उपलब्ध कराने व स्किल डवलपमेन्ट सेन्टर खोले जाने के भी निर्देश दिए। प्रदेश में डीएमएफ 660 करोड़ का है और 40ः खर्च हुए हैं, यह स्थिति संतोषजनक नहीं है। 1 मार्च 2020 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान प्रारंभ हो रहा है। इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
इस मौके पर झांसी एनआईसी कक्ष में मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा,  जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी, एसएसपी डी प्रदीप कुमार, नगर आयुक्त मनोज कुमार, अपर आयुक्त सर्वेश कुमार दीक्षित, सीडीओ निखिल टीकाराम फुंडे, एसडीएम राम अक्षय चैहान सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।