झांसी, बसपाईयों ने मनाई वीरांगना झलकारी बाई की जयंती, नमन कर किया याद

झांसी। बुन्देलखंड के झांसी में बहुजन समाज पार्टी ने वीरांगना झलकारी बाई की जयंती श्रद्धाभाव के साथ मनाई। जिसमें बसपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर झलकारी बाई प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर उन्हें नमन किया।
वीरांगना झलकारी बाई की जायंती आज जगह-जगह धूमधाम से मनाई गई। जिसमं बसपा के जिला इंचार्ज जालौन भूपेन्द्र आर्या, जिला जोन इंचार्ज झांसी रविकांत मोर्या, बसपा जिलाध्यक्ष राजू राजगढ़, जुगल कुशवाहा, सीताराम कुशवाहा,विधानसभा प्रभारी नीरज अग्रवाल  समेत कई कार्यकर्ता एकजुट हुए। सभी कार्यकर्ता ने झलकारी बाइक की जयंती मनाई। साथ ही उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें याद किया।
वीरांगना झलकारी बाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बसपाईयों ने बताया कि झलकारी बाइ का जन्म बुन्देलखण्ड के ही एक छोटे से गांव में 22 नवम्बर 1830 को कोली परिवार में हुआ था। इनके पिता मूलचंद घर में ही कपड़ा बुनाई का काम करते थे। ओबीसी परिवार में जन्म लेने वाली झलकारी बाई को शिक्षा से वंचित रहना पड़ा।
महारानी लक्ष्मीबाई की सबसे विश्वसनीय साथी वीरांगना झलकारी बाई परछाई बनकर हमेशा उनके साथ रहती थी। उनके  जीवन के अंतिम युद्ध ग्वालियर के मैदान में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई  की रक्षा में अप्रैल 1858 को वीरांगना झलकारी बाई ने रणभूमि में वीरगति को प्राप्त हुईं।