झांसी पुलिस ने चर्चित उदैनिया परिवार के अग्निकांड की पहेली सुलझाई, महिला गिरफ्तार

झांसी। अक्टूबर माह में हुआ चर्चित उदैनिया परिवार के अग्निकांड की पहेली को झांसी पुलिस ने आखिर सुलझाने में सफलता हासिल कर ली। इस कांड के पीछे कारण ब्याज में दी गई 50 लाख की रकम वापस न मिलने से परेशान होकर मृतक द्वारा घटना करना बताया जा रहा है। पुलिस ने ब्याज में दी गई रकम को वापस न करने वाली महिला आरोपी को पकड़ लिया है। पकड़ी गई महिला आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कार्यवाही शुरु कर दी है।
मालूम हो कि झांसी के सीपरी बाजार थानान्तर्गत लहरगिर्द में 51 वर्षीय जगदीश उदैनिया अपनी पत्नी श्रीमती रजनी उदैनिया, मां श्रीमती कुमुद उदैनिया, 16 वर्षीय बेटी मुस्कान उदैनिया और पिता जुगुल किशोर उदैनिया रहता था। 14 और 15 अक्टूबर की रात्रि में घर में लगी आग की चपेट में जगदीश समेत पत्नी, मां और बेटी की जलकर मौत हो गई थी। जबकि पिता जुगुल किशोर की अंदर कमरे में होने के कारण धुए से हालत गम्भीर हो गई थी। सूचना मिलते ही थाने की पुलिस व फायर बिग्रेड मौके पर पहुंच गई थी। जहां घर में लगी आग को किसी प्रकार बुझाया गया और जुगुल किशोर को उपचार के लिए अस्पताल मेें भर्ती कराया गया। वहीं जगदीश उदैनिया, पत्नी मां और बेटी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। जुगुल किशोर उदैनिया ने होश में आने के बाद इसकी शिकायत करते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

इस प्रकार सुलझी पहेली
इस घटना ने सभी के दिल को हिला दिया था। पुलिस के लिए भी यह घटना एक चुनौती थी। मामला दर्ज होने के बाद एसएसपी डाॅ. ओपी सिंह के निर्देश पर सीपरी थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ छानबीन शुरु कर दी। छानबीन के दौरान पुलिस टीम को पता चला कि जगदीश उदैनिया अपनी मां कुमुद उदैनिया के साथ सोसाईटी एवं पत्ती का व्यवसाय किया करते थे। सोसाईटी के कारोबार में सैकड़ो उनके सदस्य थे। जिनसे किस्तों का रुपए इकट्टा करके वर्ष के अंत में रकम बढ़ाकर वापस करते थे।
पुलिस के अनुसार जगदीश उदैनिया ने अपने रिश्तेदार श्रीमती आरती रजौरिया पत्नी नरेन्द्र कुमार रजौरिया निवासी खातीबाबा प्रेमनगर को 50 लाख की रकम ब्याज पर दी थी। इस रकम को आरती ने वापस नहीं की थी। जिस कारण जगदीश उदैनिया और कुमुद उदैनिया कर्जदार हो गये और वह सोसाईटी के सदस्यों को रुपए वापस नहीं कर पा रहे थे। वह लगातार आरती से रकम को वापस मांग रहे थे। लेकिन उन्हें रकम नहीं दी जा रही थी। इधर सोसाईटी वाले भी अपनी रकम को वापस मांग रहे थे। जिस कारण जगदीश और कुमुद मानसिक रुप से तनाव में रहने लगे।
इस परेशानी से छुटकारा पाने के लिए जगदीश उदैनिया ने अपनी मां, पत्नी, बेटी और स्वयं पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली। जिससे उनकी मौत हो गई। छानबीन करने के बाद पुलिस ने महिला आरोपी आरती रजौरिया को पकड़ लिया है। पकड़ी गई महिला आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरु कर दी है।