झांसी, रेत माफियाओं की गुंडई, एरच में घरो को तोड़कर बनाये जा रहे रास्ते, ग्रामीण उतरे सड़कों पर


(रिपोर्ट-बालमुकुन्द रायक्वार) झांसी।
बुन्देलखंड में झांसी के एरच में एक बार फिर रेत माफियाओं की गुंडई नजर आई। रेत माफियाओं नेे न केवल अवैध खनन करना शुरु किया बल्कि जबरन ग्रामीणों के घरों को तोड़कर रास्ता भी बनाने लगे हैं। इतना ही नहीं विरोध करने पर ग्रामीणों को जान से मारने और झूठे मुकद्मे में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। परेशान होकर ग्रामीणों ने थाने का घेराव करते हुए न्याय की गुहार लगाई। साथ ही दबंग रेत माफिया सिंडीकेट के खिलाफ कार्यवाही की मांग की।


झांसी जिले के एरच में जय अम्बे सप्लायर्स के नाम से एक बालू घाट आवंटित है। शासन द्वारा नये नियमों के कारण घाट संचालाकों की नींद उड़ी हुई है। वह इसका तोड़ निकालने में लगे है। जिसका उदाहरण नजर आया झांसी के एरच में। जहां बेतवा नदी में अत्याधिक पानी होने के कारण खेतों से खनन शुरु कर दिया गया है। साथ ही अवैध बालू से भरे वाहनों के आवागमन के लिए रास्ते में आने वाले असहाय ग्रामीणों के घरों को तोड़ा जा रहा है। जिसका ग्रामीणों ने जब विरोध किया तो गाली गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी दी। साथ ही झूठे मुकद्मे में फंसाने की भी धमकी दी गई।
आपको बता दें कि बरसात के मौसम में तीन माह की रोक के बाबजूद भी उक्त खनन माफिया खेतों से बालू निकाल रहा था। जब इसकी जानकारी स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और थाने की पुलिस को हुई तो उन्होंने मौके पर जाकर सख्ती से अवैध बालू डम्प को जब्त कर विधिक कार्यवाही की थी। एक बार फिर बालू माफियाओं ने इसी प्रकार का अवैध करोबार शुरु कर दिया है। यह अवैध कारोबार किसकी शह पर हो रहा है। यह तो जांच का विषय है। फिलहाल सवाल ईमानदारी और अवैध करोबारों पर कार्यवाही करने वाली योगी सरकार पर भी खड़ा हो रहा है कि इतनी सख्ती के बाद रेत माफियाओं के हौंसले बुलंद क्यों है।