मरीजो के साथ जूनियर डाॅक्टरों के र्दुव्यहार से पेशा हो रहा बदनाम, झांसी में बोले-सीएम योगी

झांसी। गम्भीर बीमारी के इलाल के लिए अब बुन्देलखंडवासियों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और न ही अधिक रुपए खर्च करने की। क्यों कि बेहतर इलाज अब उनके बुन्देलखंड के झांसी में ही मिलेगा। यह कहना है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का। जिन्होने सुपर स्पेशिलिटी ब्लाॅक का लोकापर्ण करते हुए यह बात बोली है। उन्होंने कहा कि आजादी के 70 वर्षो के बाद 12 मेडीकल कालेज थे, परन्तु 5 वर्षो में प्रदेश में 23 मेडीकल कालेज बना रहे है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुन्देलखण्ड में मेडीकल कालेज टूरिज्म की अपार सम्भावनाये है, इस ओर अवश्य कार्य करना चाहिए। इमरजेन्सी विभाग में जो मरीज आयें उसका संवेदनशील होकर इलाज करें। जब आप संवेदनशील होकर इलाज करेंगे तो आधी बीमारी स्वतः खत्म हो जाती है। मरीजो के साथ जूनियर डाॅक्टर पहले मारपीट करते हैं फिर धरना प्रदर्शन। जिससे मरीजों का डाॅक्टरों पर से विश्वास टूटता है और मेडीकल क्षेत्र बदनाम होता है। उसे कटघरे में खड़ा नही करना है, इसलिए जो भी मरीज आये उसका बेहतर इलाज कीजिए। डाक्टर में मरीज भगवान का चेहरा देखता है, इस विश्वास को बनाये रखना सभी की जिम्मेदारी है।

अगले माह एक्सप्रेस-वे का होगा शिलान्यास
इसके अलावा योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बुन्देलखण्ड विकास के लिये बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे बैकवोर्न बनने जा रहा है। अगले माह एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास होगा। जिसके माध्यम से क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर प्राप्त होगे। क्षेत्र में आर्थिक विकास के साथ स्वास्थ्य के लिये सभी को शुद्व पेयजल आपूर्ति हेतु 9 हजार करोड़ की पाइपलाइन परियोजना का कार्य भी शीध्र प्रारम्भ होने जा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन वास्तव में स्वस्थ भारत मिशन का हिस्सा है।

एक दिन पीएचसी/सीएचसी में आरोग्य मेला लगाने के सीएम ने दिये निर्देश
उन्होने कहा कि प्रदेश में 40 वर्षो से दिमागी बुखार से हजारों बच्चों की मौत हो रही थी। इसका उपचार ही बचाव है। इसलिये क्षेत्र में शौचालय निर्माण व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया तो मौतों का आंकड़ा 90 प्रतिशत कम हो गया। जागरुकता से हम बीमारियों से बच सकते है। उन्होने उपस्थित चिकित्सकों को सुझाव दिया कि यदि आप सप्ताह में एक दिन पीएचसी/सीएचसी में आरोग्य मेला का आयोजन करे, तो गरीबों की दुआये मिलेगी। उन्होने कहा कि प्रदेश में कार्डिल वैन के माध्यम से 78 हजार लोगों को जीवनदान मिला। ऐसी वैन हर जनपद को दी गयी और आगे भी दी जायेगी।मुख्य अतिथि के रुप में स्वास्थ्य मंत्री डा हर्षवर्धन ने अपने उद्बोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती का मैं ऋणी हूं। आज से 45 वर्ष पूर्व कानपुर मेडीकल कालेज से डाक्टरी की शिक्षा प्राप्त की। आज यहां आकर प्रसन्न हूं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री का सपना था कि नये डाक्टर की कमी को दूर किया जाये, जो आज साकार हो रहा है। वर्ष 2016 में तत्कालिक केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने शिलान्यास किया और सुपर स्पेशिलिटी ब्लाक का 2019 में उद्घाटन किया जा रहा है। 5 वर्षो में 26 मेडीकल कालेज बनाये जाने का लक्ष्य है। उन्होने कहा कि जो प्रदेश सबसे पहले डीपीआर बना लेगा एसे पहले स्वीकृति मिल जायेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 14 मेडीकल कालेज की डीपीआर प्रेषित की। जिसमें 13 स्वीकृत हो गये, एक जल्द स्वीकृत हो जायेगा।
प्रदेश में 6 एम्स बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही एमबीबीएस में 29 हजार सीट बढ़ाई गयी तथा पोस्ट ग्रेजुएशन में 17 हजार सीटो की वृद्वि की है।
इस मौके पर मंत्री राम नरेश अग्निहोत्री, राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन मन्नू कोरी, सांसद जालौन-भोगनी-गरौठा भानु प्रताप सिंह, सांसद झांसी-ललितपुर  अनुराग शर्मा, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डा रजनीश दुबे, संयुक्त सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण भारत सरकार डा सुनील शर्मा सहित झांसी सदर विधायक रवि शर्मा, विधायक मऊरानीपुर बिहारीलाल आर्य, गरौठा विधायक जवाहरलाल राजपूत, महापौर झांसी रामतीर्थ सिंघल, जिलाधिकारी झांसी शिव सहाय अवस्थी, मुख्य विकास अधिकारी निखिल टीकराराम फुंडे के साथ जिलाध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।