क्रांतिपथ प्रोजेक्ट से झांसी के पर्यटन स्थल सभरेंगे, मिला पैकेज का संकेत

झांसी। रानी लक्ष्मीबाई की नगरी कहीं जाने वाली झांसी के पर्यटक स्थलों को आने वाले दिनों में एक नई पहचान मिलेगी। यहां भी खजुराहो और ओरछा की तरह विदेशी पयर्टकों की भीड़ नजर आयेगी। जिसके लिए पयर्टन विभाग पूरी तरह से प्रयासरत है। इसके लिए पर्यटन विभाग क्रांति पथ प्रोजेक्ट की मदद से झांसी के पर्यटक स्थलों को विकसित कर नई पहचान देगा। इसकी जानकारी झांसी-चित्रकूट पर्यटन उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार रावत ने दी है।
झांसी-चित्रकूट पर्यटन उपनिदेशक राजेन्द्र कुमार रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि झांसी को रानी लक्ष्मीबाई की नगरी भी कहा जाता है। बुन्देलखंड का नाम हो और झांसी का जिक्र न हो। यह असम्भव है। आजादी की गाथा से जुडे कई स्थल झांसी जिले में हैं। झांसी में स्टार रेटिंग होटल न होने के कारण यहां विदेशी पयर्टक रुकता नहीं था। लेकिन धीरे-धीरे यह समस्या दूर होती जा रही है। झांसी में कई ऐसे होटल है जो स्टार रेटिंग की श्रेणी में आने लगे हैं। उनका प्रयास रहता है कि विदेशी पयर्टक यहां अवश्य रुके।
विदेशी पयर्टक जब झांसी में रुकेगा तो यहां के पयर्टन स्थलों को अवश्य देखेगा। इसके लिए झांसी क्रांति पथ प्रोजेक्ट के तहत काम किया जायेगा। जिसें झांसी किला, रानीमहल के सामने पार्किंग, जराय मठ, बरुआसागर का किला जैसे कई स्थान शामिल है। क्रांतिपथ के माध्यम से इन स्थलों को न केवल बेहतर बनाया जायेगा। बल्कि इसका प्रचार-प्रसार भी किया जायेगा। जिससे विदेशी पयर्टक यहां अवश्य आये। विदेशी पयर्टक जब यहां आयेगा तो रोजगार के रास्ते भी खुलेगे। इसके साथ ही झांसी की जनता से वह अपील करते हैं कि उनके रिश्तेदार या फिर मिलने वाले यदि झांसी आते है तो उन्हें ओरछा के राममंदिर की तरह झांसी के पयर्टक स्थलों की भी जानकारी देकर अवश्य दिखायंें। जिससे यहां भी पयर्टकों की संख्या बढ़ाई जाए।