ऊर्जा के बिना अधूरी है जिंदगी, सूर्य को बताया गया सबसे बड़ा स्रोत

(रिपोर्ट-देवेन्द्र चतुर्वेदी) झांसी/मऊरानीपुर। बुन्देलखंड में झांसी जिले के मऊरानीपुर नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गोपालगंज में विश्व ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया गया। जिसमें सर्वप्रथम प्रधानाध्यापक विवेक माहेश्वरी ने इस दिवस के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 2001 में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम लागू किया था। इस दिवस का मकसद लोगों को ऊर्जा के महत्व के साथ ही उर्जा की बचत के बारे में जागरूक करना है। ऊर्जा को आज पूरी दुनिया की सबसे अहम जरूरत बताते हुए कहा कि बिना ऊर्जा के कोई भी देश तरक्की नहीं कर सकता है। पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत सूर्य को बताया। यदि समय रहते हम अपने प्रयासों में सफल नहीं होते तो संपूर्ण मानव सभ्यता ही खतरे में पड़ सकती है। इस योजना को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए हमें अपने व्यहार में ऊर्जा संरक्षण को शामिल करना चाहिए। उन्होंने पेट्रोल डीजल जैसे महत्वपूर्ण ईंधन के संरक्षण को भविष्य के लिए अति आवश्यक बताया। अंत में बच्चों को ऊर्जा संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।