अफसरों की लापरवाही में फंसी #स्मार्ट_सिटी, #झांसी में बने #पिंक_टॉयलेट में लगा ताला

झांसी

बालू माफियाओं ने अवैध खनन करने का निकाला नया तरीका, प्रशासन बना अंजान

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झांसी। तूं डाल-डाल, मैं पात-पात। कुछ ऐसा ही इन दिनों झांसी में हो रहा है। जिसका उदाहरण मऊरानीपुर तहसील क्षेत्र में देखने को मिला। यहां बालू माफियाओं ने अवैध खनन करने का अनोखा तरीका निकाल लिया है। जिस ओर अभी तक प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाया है।
बताते चलें कि बुंदेलखंड की नदियां सोना उगल रही है। चाहे काला सोने का पत्थर हो या फिर सफेद और लाल सोना बालू हो। यहां प्रकति का वरदान है और इस प्रकृति के खजाने की लूट बालू माफिया कर रहे हैं। यहां पर आरोप लगते हैं कि पैसा, पावर एवं राजनैतिक के दम पर प्रशासन कार्यवाही करने की बजाए अपने हाथ पीछे खींचने को मजबूर बना रहता है।
कस्बा रानीपुर क्षेत्र के पचौरा घाट, सुखनई नदी के बरियन घाट, सितौरा घाट, भानपुरा, बिरगुवां, खकोरा, विजयपुर, धसान नदी, उरनदी के घाट बालू माफियाओं के पसंदीदा घाट बने हुए हैं। यदि इसी तरह प्रशासन मौन साधे रहा तो और अवैध बालू का खनन होता रहा तो यह प्राकृतिक खजाना खाली हो जाएगा। बुंदेलखंड की धरती को इससे भी भयाभय, पर्यावरण, असंतुलन के बदहाल हालात देखने होंगे। प्रशासन कार्यवाही करने की वजाह चुप्पी साधे हुए हैं। और बालू माफिया प्रशासन को ठेंगा दिखाकर अपने दबंग हौसलों एवं सत्ता की हनक दिखाते हुए धड़ल्ले से बालू खनन के कार्य को अंजाम दे रहे हैं। कुछ नेताओं के रसूखदार भी खनन के खेल में प्रशासन पर हावी हो रहे हैं। आलम यह है कि नगर एवं क्षेत्र में इन दिनों बालू माफियाओं द्वारा अवैध खनन जोरों पर चलाया जा रहा है। जिम्मेदार एक या दो ट्रैक्टर पकड़ कर इतिश्री कर लेते हैं। दिन में तो खुली आंखों के सामने अवैध खनन का खेल होता ही हैं और रात में तो और अधिक बालू खनन होता हुआ देखा जा सकता है।

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