प्रदेश में विकास की कहानी: कीचड़युक्त सड़कों से जाना पड़ता है अंतिम शव यात्रा मेें

झांसी।  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी! हमारे इस गांव की ओर भी देख लीजिए। यह भी आपके उत्तर प्रदेश में आता है। इस गांव में आज भी स्थानीय क्षेत्रवासी मूलभूत सुविधाओं से वंछित हैं। जिसकी इन तस्वीरों के माध्यम से हकीकत उजागर की जा रही है। यहां लोगों को आज भी कीचड़युक्त सड़कों से होकर गुजरना पड़ता है। जिस ओर अभी तक न तो ग्राम प्रधान ने ध्यान दिया और न ही अधिकारियों ने।


झांसी मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर ग्राम हस्तिानापुर है। यह गांव अम्बावाॅय ग्राम पंचायत में आता है। हस्तिानापुर गांव की कुल आबादी लगभग 700 है। झांसी टाईम्स जो तस्वीर दिखा रहा है यह तस्वीर इसी गांव की है। तस्वीरों में स्पष्ट देखा जा सकता है कि किस प्रकार स्थानीय लोगों को परेशानी होती होगी। विगत दिवस भी कुछ ऐसा ही हुआ है। गांव में रहने वाले संतोष राजपूत का कहना है कि उसके पिता का बीमारी के कारण निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार के लिए शव को शमशान घाट ले जाया जा रहा था। रास्ता न होने के कारण उन्हें कीचड़युक्त सड़कों से होकर जाना पड़ा।
यह हाल कोई एक दिन का नहीं है। अक्सर ऐसी स्थिति यहां बनी रहती है। ग्राम प्रधान से लेकर अधिकारियों से इसकी शिकायत की जा चुकी है। लेकिन अभी तक यहां की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। यहां लोगों को शमशान घाट जाना हो या फिर कहीं और, उन्हें कीचड़ के बीच से होकर ही जाना पड़ता है। इतना हीं नहीं गांव में नालियों को भी निर्माण नहीं कराया गया है। जिससे पानी की निकासी हो सके। आखिर उन गांव वालों को दोष क्या। क्या वह वोटर नहीं है। जो उन्हें मूलभूत सुविधाओं से दूर रख जा रहा हे।