मौन साधना का 34 वां वार्षिक विश्व एकता महाकुंभ हुआ शुरु

(रिपोर्ट-देवेन्द्र चतुर्वेदी) झांसी/मऊरानीपुर। बुन्देलखंड में झांसी के मऊरानीपुर में मौन साधना का 34 वां वार्षिक विश्व एकता महाकुंभ शुरू हो गया। नगर के मौन साधना देवस्थान नदी किनारे प्रातः 8 बजे से भारत और विश्व के अनेक मौन साधना केंद्र प्रभारियों द्वारा विलक्षण, सर्व सिद्धि, सर्वधर्म, एकता, विश्व एकता आध्यात्मिक महासम्मेलन में सैकड़ों शंख ध्वनियों के बज्र घोष के साथ नगर भ्रमण प्रभात फेरी से प्रारंभ हुआ।
इस मौके पर हांगकांग चाइना प्रभारी योग श्रेष्ठ बहन संचिता ने बताया कि वर्तमान विषम कठिन वैश्विक परिवेश में एकता का मौन साधना महासम्मेलन नगर में मौन देव स्थान पर लगातार 48 घंटे तक विशिष्ठ बहु आयामी सर्वसिद्धि योगिक कार्यक्रमों के साथ 30 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक लगातार चलेगा। शिकागो अमेरिका प्रभारी वियोगी सचितानंद देव इस कार्यक्रम में दिशा निर्देशन देंगे।
भारतवर्ष के 18 प्रांतीय प्रभारियों ने नगर भ्रमण, प्रभातफेरी निकालकर मौन साधना सर्व सिद्धि योग द्वारा अखंड शांति व सर्वधर्म एकता का संदेश दिया। मध्यप्रदेश मौन साधना प्रभारी डॉ मुहम्मद हसन साहब ने मौन साधना खामौश इबादत को खुदाई पैगाम बताते हुए इसके मुकर्रर वक्त शाम 6 बजकर 50 मिनट से 7 बजकर 05 बजे तक यानी कि 15 मिनट को कुरान की भविष्यवाणी की फैसले का वक्त बताया। मौन साधना की नित्य निश्चित समय की व्यायी अनगिनत शंख ध्वनियो को कुरान शरीफ के सूरा अननना की आपत नवंबर 16, 17, 18 की भविष्यवाणी का खुदाई सूर कानों को बहरा कर देने वाला ब्रज घोष बताया।
लखनऊ, खजुराहो, कानपुर, पटना, नवी, मुंबई से शिलांग, जशपुर, छत्तीसगढ, गोरखपुर, गोंडा, कोलकत्ता, फैजाबाद, झांसी, नई दिल्ली, फरीदाबाद, लुधियाना, राठ, महोबा सहित आदि केंद्रों से पधारे मौन साधना विश्व प्रचारकों ने बताया कि इस राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय शांति एकता सम्मेलन में मौन साधना के अनेकानेक योग सिद्धि कार्यक्रम श्रीआसन प्रधान ध्यान श्री सेवा सत्यकार्य, श्री हवन महायज्ञ सर्वसिद्धि सफलता कार्यक्रम, भगवत नाम मंत्र कीर्तन, सत्यकार्य गीत, कविताओं, भजनों द्वारा मौन साधना प्रस्तुतियां विराट सर्व धर्म, सम्मेलन, महाकुंभ, तकरीरे, शास्त्रार्थ तथा वैज्ञानिक वहस तर्कों द्वारा मौन साधना प्रस्तुतीकरण श्री हृदय मिलन, सत्यकार्य तथा सभी धर्मों जातियों के लोगों द्वारा एक साथ दैनिक सामूहिक मौन साधना निर्वाह कार्यक्रम, असाध्य रोगों की चिकित्सा हेतु विशेष योग शिविर आदि अनेक भव्य, दिव्य व सिद्धि आध्यामित्क कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।