यूनियन करती है टैक्सी चालकों का शोषण, जबरन वसूलती पैसा

(रिपोर्ट-देवेन्द्र चतुर्वेदी) झांसी/मऊरानीपुर। बुन्देलखंड में झांसी के मऊरानीपुर नगर से आसपास कई गांव में जाने के लिए टैक्सी की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन टैक्सियों को मऊरानीपुर में व्यवस्थित तरीके से खड़ी करने के लिए आज तक सुविधाजनक टैक्सी स्टैंड नहीं बन सका है। जबकि टैक्सी यूनियन नगर व गांव की ओर जाने वाली टैक्सियों से पैसा वसूलते और नगर पालिका भी पार्किंग का प्रत्येक वर्ष ठेका देती है।
टैक्सी चालकों से ठेकेदार भी पैसे वसूलते हैं, लेकिन टैक्सियों  के लिए स्टैंड बनाए जाने की पहल न तो टैक्सी यूनियन करती है और न ही नगरपालिका दोनों ही संस्थाएं बिना वजह टैक्सी चालकों का शोषण कर जबरन पैसा वसूल करती हैं। स्टैंड न होने के अभाव में चालक बेचारे विवश होकर सड़क किनारे कहीं भी टैक्सियों को खड़ा कर देते हैं। जिसमें जाम लगना आम बात हो गई है। नगर से रानीपुर, बंगरा, पृथ्वीपुर, रेवन, ककवारा, घाटकोटरा, भानपुरा, खकौरा, बड़ागांव,  टकटौली सहित आदि गांव में लोगों के आने जाने के लिए लगभग एक हजार टैक्सियांे की सुविधा उपलब्ध है। और यह टैक्सी लोगों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुँचाती है और नगर में यह सारी टैक्सियां रेलवे स्टेशन अंबेडकर तिराहा, गरोठा चैराहा, परमट चैराहा, डाक खाना चैराहा, चैमुखी माता मंदिर, बजरिया, बस स्टैंड सहित आदि स्थानों को बे तरतीव तरीके से खड़ा कर दिया जाता है। काफी लम्बे समय से सुविधाजनक टैक्सी स्टैंड बनाने की मांग बराबर की जा रही है लेकिन इस ओर अधिकारी एवं जन प्रति निधि ध्यान नहीं दे रहे हैं।इसीलिए सड़कों पर जहां जगह मिली वहीं टैक्सी चालक टैक्सी खड़ी कर देते हैं। जिससे रोजाना जाम की स्थिति बनती है। और वाहन चालकों सहित राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानीयो का सामना करना पड़ता है। जिससे लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है।