रिप्टा न होने से ग्रामीण परेशान, सर्वे कर लखनऊ की टीम भी भूली ग्रामीणों की मुसीबत

(रिपोर्ट-देवेन्द्र चतुर्वेदी) झांसी/मऊरानीपुर। बुन्देलखंड में झांसी की मऊरानीपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले कस्बा रानीपुर में टूटा हुआ रिप्टा लोगों की मुसीबत का कारण बना हुआ है। 5 साल से ग्रामीण इस रिप्टा के बनने की आस देख रहे हैं। लेकिन उन्हें हर साल मायूसी हाथ लगती है।
जब कुछ ग्रामीणों से बात की गई तो उन्होंने बताया इस रिप्टा के न होने से बीमार बुजुर्ग और बच्चों को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय में तो यह गांव टापू बन कर रह जाता है। जब नदी का पानी कम होता है, तब कहीं बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल भेजा जाता है। इसके साथ साथ मरीजों को चार लोगों के सहारे चारपाई पर रखकर नदी पार करके अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। अभी कुछ दिन पूर्व वर्तमान विधायक के प्रयास से इस पुल को देखने के लिए लखनऊ से टीम भी आई थी। उस टीम के द्वारा कई तरह के सर्वे एवं कार्रवाई भी की गई थी। लेकिन टीम को सर्वे किए हुए भी काफी समय हो चुका है। ग्रामीणों को लखनऊ से आई टीम को देखकर एक आस एक उम्मीद जागी थी कि अब बरसात के पूर्व यह पुल बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन उस टीम के जाने के बाद आज काफी समय हो चुका है। लेकिन निर्माण से संबंधित कोई भी कार्य आगे नहीं बढ़ा है। जिसको लेकर ग्रामीणों में मायूसी और गुस्सा दोनों देखने को मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने एक बार फिर बरसात के पूर्व इस पुल को बनाए जाने की मांग अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से की है। ताकि आने वाले समय में ग्राम वासियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े।