अन्ना जानवरों से निजात दिलाने के लिए इस साधु ने निकाला अनोखा तरीका, जानिए क्या है

बांदा। मकर संक्रांति और लोहड़ी को लेकर लोग तरह-तरह से पूजा-पाठ व स्नान आदि करके दान पुण्य करते हैं। बुन्देलखंड के बांदा में कुछ अलग ही तरह का दान देखने को मिला है। जहां एक संत द्वारा अन्ना गौवंशो का भंडारा कराया गया।
अन्ना जानवर की समस्या बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या है। किसान से लेकर सरकार तक इसका हल निकालने के प्रयास में है लेकिन हाथ मे मायूसी ही लगती है। इस बीच बांदा शहर के काली देवी मंदिर के महंत मन्नू लाल ने लोंगो के अंदर गायांे के प्रति सम्मान, धार्मिक व वैज्ञानिक महत्व समझाने के उद्देश्य से गायों का भंडारा कराया।
बता दें कि मकर संक्रांति का त्यौहार चल रहा है। जिले में लोहड़ी धूमधाम से मनाई जा रही है । जिसको लेकर लोग तरह-तरह से पूजन करके दान कर रहे है लेकिन बांदा के मुख्य मंदिर काली देवी माता मंदिर के पुजारी द्वारा आज शहर में घूम रहे अन्ना गौवंशो का भंडारा किया गया है। जहां ट्रैक्टर और अन्य साधनों से ले जाकर के गोवंश  ढूंढ ढूंढ कर चैराहे चैराहों में गौ वंश को खाद्य सामग्री वितरित की गई और उनको खिलाया गया। इस दौरान मंदिर के मुख्य पुजारी ने गोवंश की आरती उतारी उनका पूजन भी किया है और यह संदेश देने की कोशिश की है कि लोगों को इन अन्ना गोवंश संरक्षण करना चाहिए न की इनको बेसहारा छोड़ देना चाहिए। यदि हर व्यक्ति एक एक गाय बांध लें तो व्यक्तिगत लाभ के साथ साथ पूण्य कार्य भी कमा सकते हैं। साथ ही अन्ना समस्या को हल करने का यही एक माध्यम भी है।