तिल, उर्द और शक्कर निर्मित गुल्लों की मांग बढ़ी  

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उददीन) महोबा । दो दिन बाद मकर संक्रांति का पर्व मनाया जायेगा इसको लेकर तैयारियां शुरू हो गयी है बाजार में चहल-पहल बढ़ गयी है, त्यौहार पर महंगाई का असर दिखाई पड़ रहा है। बावजूद इसके लोग पर्व से सम्बन्धित खाद्य सामग्रियों की खरीददारियां कर रहे है।
मकर संक्रांति पर्व पर शहर के मुख्य बाजार में सुबह से शाम तक खरीदारों की भीड़  उमड़ रही है, उर्द और मंूग की दाल की मांग बढ़ते ही इनके दामों में बीते कुछ दिनों के भीतर दस से पन्द्रह रूपये की बढोत्तरी हुई है, फिलहाल शहर के खुदरा बाजार में मूंग की दाल सौ रूपये प्रति किलो के भाव से बिक रही है, इधर उर्द की दाल भी  90 रूपये के दाम पर खरीदी जा रही है। मकर संक्रांति पर्व पर शक्कर निर्मित गुल्लो की मांग बढ़ जाती है शहर में हाथ ठेलों से लेकर बाजारों में जगह-जगह गुल्लों की दुकानें सजी हुई है इसकी खरीददारी को लेकर व्यापक भीड़ इन दुकानों में खरीदारी को पहुंच रही है फुटकर बाजार में अबकी बार शक्कर निर्मित गुल्ला 60 रूपये किलो के भाव से बिक रहा है।
मकर संक्रांति  पर्व को पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है और इसकी तैयारी पर्व आने से  कोई एक सप्ताह पहले से शुरू हो चुकी है। बड़े पैमाने पर तमाम लोगों द्वारा नये कपड़ों की भी खरीददारी की जाती है यही वजह है कि रेडीमेन्ट गारमेन्टस की दुकानों पर भी लोग अपने मनपसंद के परिधान  खरीदने को पहुंच रहे है। इधर दर्जियों की दुकानों पर भी नये परिधान सिलवाने के लिये कोई एक सप्ताह से लोग पहुंच रहे है।

जलाशयों के निकट लगते है मेले
मकर संक्रांति पर्व पर शहर के तमाम जलाशयों पर लोग पहुंचकर डुबकी लगाते है यहां स्थानीय स्तर पर डुबकी को बुड़की के पर्व के रूप में भी जाना जाता है, मकर संक्रांति पर्व को यहां स्थानीय भाषा में लोग बुड़की का पर्व कहकर भी पुकारते है, उधर मकर संक्रांति पर्व के दिन अनेक जलाशयों के निकट तट बंधों पर मेले भी लगते है। सर्वाधिक भीड़ उर्मिल सागर बांध, विजय सागर, कीरत सागर में पहुंचती है इसके अलावा जनपद के अनेक नगरों, कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के जलाशयों में बुड़की लगाने  वालों की भीड़ पहुंचती है और यह सिलसिला शाम तक बना रहता है, जलशायों के निकट सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से नागरिक पुलिस के जवान तैनात रहते है।