पांच हजार किलोमीटर की उड़ान भर मेहमान परिन्दे पहुंचे बेला सागर

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा। मेहमान परिन्दों ने बेलासागर में डेरा डाल दिया है और वह चार महीने तक बेलासागर में प्रवास करेंगे। विदेशी परिन्दे हजारों मील का फासला तय करके बेलासागर में पहुंच गये है और उनकी अठखेलियों से बेलासागर गुलजार हो रहा है। इसी के साथ प्रवासी पक्षियों के शिकार का अन्देशा भी खड़ा होने लगा है।
ध्यान रहे कि सर्दी शुरू होते ही रूस और साइबेरिया से लम्बा फासला तय करके यहां के विदेशी परिन्दे कस्बे के बेलासागर पहुंचने लगे है। यह लम्बा फासला तय करके अगले कुछ महीने तक यही डेरा डाले रहेंगे। मालूम रहे कि रूस और साइबेरिया में सर्दी के दिनों में वहां का पारा माइनस 40 डिग्री तक पहुंच जाता है और ऐसे में इन परिन्दों के सामने जीवन को बचा पाना मुश्किल हो जाता है। जीने की इसी जिजीविषा को लेकर यह करीब पांच हजार किलो मीटर की लम्बी उडान भरकर भारत के कई राज्यों के जलाशयों मंें पहुंचते है। बेलासागर सरोवर में अब यह पक्षी लम्बी उड़ान भरने के बाद पहुंच चुकी है अब इनका अगले चार महीनों तक इन्हीं सरोवरों में रैन पसेरा रहेगा इन पक्षियों का आना अक्टूबर के अंतिम सप्ताह और नवम्बर के दूसरे सप्ताह तक बना रहता है और फरवरी तक यह विदेशी परिन्दे सरोवरों में ही विश्राम और प्रवास करते है। अब अगले चार महीने तक इन पक्षियों की देखरेख उन्हें संरक्षित और सुरक्षित रखने  की जिम्मेदारी वन विभाग की है, विदेशी परिन्दों की इन प्रजातियों को यहां स्थानीय लोग अपनी भाषा में टिकली, बून्दा, लालसर, रेड बर्डस, ब्लक बर्डस आदि नामों से पुकारते है।