लखनऊ पुलिस ने दबोचा फर्जी रायल्टी गिरोह के सरगना को

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उददीन) महोबा। फर्जी रायल्टी से शासन को करीब दो सौ करोड़ रुपये का चूना लगाने वाला आरोपी धरा गया है, उसे स्टेट साइबर क्राइम यूनिट लखनऊ की टीम ने यहां कबरई से उसे गिरफ्तार कर लिया है, लखनऊ पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गयी है।
बताया जाता है, कि आरोपी ने इसको लेकर एक फर्जी वेबसाइड बनाकर माइनिंग के परिवहन हेतु वाहनों के फर्जी ई-रवनना यानी रायल्टी पेपर जारी करके, करोड़ों की ठगी की थी, बीते दिनों इस गिरोह के सरगना को साइबर क्राइम थाना लखनऊ की टीम ने धर दबोचा है, और वह उसे अपने साथ ले गयी है।
गिरफ्तार करने वाली टीम ने निरीक्षक मोहम्मद मुस्लिम खां, सिपाही जितेन्द्र, गौरव, पदम सौरभ व अविनाश शामिल है। बताया जाता है, कि काफी समय से उत्तर प्रदेश खनन विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा उन्हें शिकायतें प्राप्त हो रही  थी कि खनिज विभाग ने फर्जी ई-रवनना मसलन एमएम11(रायल्टी पेपर) बनाकर यह गिरोह हजारों ट्रको से अवैध तरीके से बालू, मोरंग व गिट्टी की निकासी की जा रही है। बताया गया है, कि इससे सरकार को करीब 200 सौ करोड़ रुपये की राजस्व क्षति हो चुकी है।
उपरोक्त मामले में खनन अधिकारी सुभाष रंजन, भूविज्ञान और खनन निदेशालय खनिज विभाग राजा राम मोहन मार्ग लखनऊ द्वारा थाना साइबर क्राइम लखनऊ में मुकदमा अपराध संख्या 01/2020 धारा 420.467.468.471.भारतीय दण्ड विधान व 66.66सी आईटीएक्ट का अभियोग पंजीकृत  कराया गया था, पुलिस अधीक्षक साइबर क्राइम रोहन पी कनय उत्तर प्रदेश द्वारा उक्त अपराध को गंभीरता से लेते हुये एक कुशल टीम गठित की गयी थी और तकनीकिन संसाधनों के प्रयोग व सूचनातंत्र को सक्रिय करते हुये अभिसूचना संकलन की कार्यवाही शुरू की गयी थी, मुखबिर से पुलिस को सटीक सूचना प्राप्त हुयी कि महोबा, झांसी, बांदा व यूपी के अन्य जनपदों में अवैध बालू मोरंग, गिटटी के खनन व परिवहन के फर्जी पेपर तैयार करने वालें गिरोह का सरगना कबरई निवासी को बीते दिनों लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ पुलिस अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना को पकड़कर ले गयी है, पुलिस के हाथ भारी सफलता लगी है और उसने फर्जी रायल्टी गिरोह का भण्डाफोड़ कर दिया है, लखनऊ पुलिस गिरफ्तार किये गये सरगना से अन्य साथियों की पूंछतांछ कर रही है।

पूर्व में तत्कालीन जिलाधिकारी ने पकड़े थे गिरोह के सदस्य
पत्थर मण्डी कबरई में फर्जी रायल्टी का खेल पहले भी होता रहा है, शिकायतों के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा छापामार कर गिरोह के सदस्यों को पकड़कर कार्यवाही की थी। बताते चले प्रदेश में पत्थर उद्योग के नाम से कबरई अपनी पहचान बना चुका है, यहां सैकड़ों की संख्या मंे पहाड़ व क्रेशर संचालित है। यही वजह है, कि फर्जी रायल्टी का खेल यहां संचालित होना कोई नहीं बात नहीं पूर्व में भी इसकी शिकायतों के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी में यहां गिरोह के सदस्यों पर छापामार अभियान चलाकर पकड़ा था तथा उनकेे खिलाफ कार्यवाही भी की गयी थी।