अफसरों की लापरवाही में फंसी #स्मार्ट_सिटी, #झांसी में बने #पिंक_टॉयलेट में लगा ताला

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सरयू नदी उफान पर, सैकड़ों गांव के घरों में भरा पानी, नाव में बैठकर कर ग्रामीण कर रहे गुजर बसर

बारांबकी। नेपाल से सरयू नदी में छोड़ा गया पानी आज उत्तर प्रदेश क बाराबंकी के लिए मुसीबत बना हुआ है। बाराबंकी जिले के तराई क्षेत्र में उफनाई सरयू ने तीन तहसील क्षेत्रों के सैकड़ों गांवों में घरों के अंदर कई फीट पानी भरने से हजारों की आबादी संकट में है। लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर तटबंध पर शरण ले रहे हैं। वहीं इस बीच बाढ़ के पानी की चपेट में आने से कई गावों के संपर्क मार्ग बह गया। इससे उन रास्तों से गांव के लोगों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। चारों तरफ बाढ़ ने ऐसा हाहाकार मचा रखा है कि कई गावों में तो लोग नाव पर ही अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि महिलाएं नाव के ऊपर ही किसी तरह चूल्हा जलाकर अपना और अपने परिवार का पेट भर रही हैं।
सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गया है। लोगों के मुताबिक इस साल नदी का सबसे ज्यादा जलस्तर है। बाढ़ के पानी से घिरे लोगों को नावें नहीं मिल पा रही हैं। इससे तमाम लोग मकान की छतों पर डेरा डाले हुए हैं। ऐसे लोगों का गांव से बाहर निकल पाना मुश्किल हो रहा है। मकान गिरने की आशंका के चलते कई परिवार गहरे पानी के बीच से तटबंध पर पहुंच रहे हैं। हालांकि नदी का जलस्तर बढ़ने की सूचना पर बाराबंकी जिला प्रशासन के अघिकारी मौके पह पहुंचकर लोगों को हर संभव मदद का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन ग्रामीण लगातार प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं।
आलम ये है कि घरों में पानी भरने के कारण महिलाएं अपनी ग्रहस्थी का सारा सामन लेकर नांव पर चली आई हैं और बाढ़ पीड़ित महिलाएं नाव पर ही चूल्हा जलाकर गीली लकड़ियों से किसी तरह भोजन बना रही हैं और अपने परिवार के लिए दो रोटी का जुगाड़ कर रही हैं। हालांकि इसमें खतरा भी काफी है लेकिन उनका कहना है कि इसके अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है।
बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने कहा कि जनपद की तीन तहसीलें सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट और रामनगर के तमाम क्षेत्रों के लगभग पैंतीस हजार की आबादी बाढ़ प्रभावित हैं। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। लोगों को बंधे के दूसरी तरफ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, साथ ही बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा डीएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग अभी भी गांव में मौजूद हैं, वह तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। क्योंकि नदी का जलस्तर अभी और ज्यादा बढ़ने की आशंका है।

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