अफसरों की लापरवाही में फंसी #स्मार्ट_सिटी, #झांसी में बने #पिंक_टॉयलेट में लगा ताला

यूपी

मदिरा की दुकानों पर पहचान छुपाकर लोग पहुंचे शराब खरीदने

डेस्क। फिल्म अमर, अकबर, एनथोनी का वह गाना सभी ने सुना होगा। जिसमें गाया गया था कि पर्दा न उठा, पर्दा जो उठ गया, भेद सारा खुल जायेगा। ठीक ऐसा ही नजारा इन दिनों लाॅकडाउन में 40 दिन बाद खुली शराब की दुकानों पर नजर आया। जहां शराब खरीदने पहुंचे लोग अपनी पहचान छिपाते हुए देखे गये।


कोरोना वायरस के खिलाफ देश में लगे लाॅकडाउन का तीसरा चरण शुरु हो गया है। तीसरे चरण की शुरुआत होने से पहले सरकार ने शराब के शौकीनों को राहत पहुंचाने के लिए दुकानें खोलने के आदेश कर दिये थे। यह सुनकर शराब के शौकीन काफी खुश हुए। 4 मई यानि सोमवार को लाॅकडाउन का तीसरा चरण शुरु हो गया। आदेशा अनुसार उत्तर प्रदेश के कई जिलों में शराब की दुकानें खोल दी गई।
सुबह से ही पीने के शौकीन शराब की दुकानों पर लाइन लगाकर ऐसे खड़े हो गये, जैसे कि उन्हें राशन या फिर रेलवे टिकट खरीदना हो। दुकान खुलते शराब पीने वालों के चेहरे पर रोनक आ गई और नम्बर आने का इंतजार करने लगे, क्योंकि उन्हें 40 दिन बाद शराब के दर्शन करने के लिए मिल रहे थे। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मी और क्षेत्रवासियों को वहां गुजरना हुआ। उन्होंने जब यह नजारा देखा तो वीडियो बनाने शुरु कर दी। शराब खरीदने वालों की जब इस पर नजर पड़ी तो वह चैंक गये और उन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए झोले और पाॅलीथिन का प्रयोग करना शुरु कर दिया। वह स्वयं को ऐसे छिपा रहे थे कि कोई उन्हें पहचान न ले। भला हो भी क्यों न, वह शराब खरीदने गये थे। कहीं शराब खरीदते समय किसी की उन पर नजर न पड़ जाये और वह हंसी के पात्र न हो जायें।

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