भविष्य निधि घोटाले को लेकर राज्य विद्युत परिषद ने भरी हुंकार

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा। भविष्य निधि घोटाले को लेकर अव राज्य विद्युत परिषद जूनियर, इंजीनियर्स संगठन ने हुंकार भर दी है और वह चार दिन के कार्य बहिष्कार पर चले गये है और उनका यह कार्य बहिष्कार 23 नवम्बर तक जारी रहेगा।
नगर के कीरत सागर उप केन्द्र में कार्य बहिष्कार सभा का आयोजन हुआ है, यहां उत्तर प्रदेश पावरकापोरेंशन लि0 कार्यरत सभी कार्मिकों के सामान्य भविष्य निधि के जमा धन को ट्रस्ट के नियमों से विचलन कर दीवान हाउसिंग फाइनेस लि0 में निवेशित कर दिया गया है। जिला सचिव ईं0 दिनेश मौर्या ने कहां कि वर्तमान समय में रिजर्व बैंक द्वारा दीवान हाउसिंग फाइनेस लि0 को दिवालिया घोषित कर दिया गया है कार्मिकों के भविष्य निधि का करीब 22 सौ करोड़ रुपये इसमें फंस गये है। जिसमें अवर अभियंता, प्रोन्नत अवर अभियंता और अन्य सभी कार्मिकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इसको लेकर कार्मिकों में जहां बेहद चिंता है वहीं वे आक्रोशित भी है। संगठन का कहना है, कि खेद का विषय यह है, कि ऊर्जा प्रबधंन, शासन द्वारा समुचित कार्यवाही नहीं की जाती है तो राज्य विद्युत परिषद जू0 इं0 संगठन 28 नवम्बर से पूर्णतयाः अनिश्चित कालीन कार्य बहिष्कार में जाने के लिये बाध्य होगा। बहिष्कार सभा में इं0 पुनीत शर्मा, दिनेश मौर्या, प्रीती गुप्ता, विजय शंकर, विजय कौशल, अम्बेका पटेल, रामकरण, देवकीनंदन, रामगुलाम, समेत अन्य अवर अभियंता मौजूद रहे।

सुरक्षा गारंटी के लिये जारी राजाज्ञा पत्र  
संगठन द्वारा यहां कुछ मांगो पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर कार्यवाही किये जाने का भी अनुरोध किया गया है। जैसे जीपीएफ, सीपीएफ, ट्रस्ट में जमा राशि की सुरक्षा, गारंटी, प्रदान किये जाने के लिये राजाज्ञा पत्र जारी हो, घोटाले में लिप्त जिम्मेदार शीर्ष अधिकारियों ट्रस्टी सदस्यों को तत्काल निलंबित कर पारदर्शी जांच के दिशा निर्देश जारी किये जाये भविष्य निधि ट्रस्ट में जीपीएफ, सीपीएफ और इपीएफ में वर्तमान में उपलब्ध धन राशि कि अघतन स्थिति का श्वेत पत्र जारी किया जाना सुनिश्चित किया जाये।