कार्बेट से पके फल दे रहे कैंसर जैसी बीमारी को दावत

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उद्दीन) महोबा । शहर समेत समूचे जिले में रसायन के जरिये पकाए गये फलों की सप्लाई कदस्तूर जारी है, इन फलों से बाजार पटा पड़ा है, इन्हें पकाने के लिये कार्बें जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।, जो किसी संज्ञेय अपराध घोषित है, इसके बाद भी अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। चिकित्सकों को अनुसार ऐसे फल प्राणियों के लिये अत्यंत घातक होते है, इसके सेवन से क्षय रोग, कैंसर, दमा जैसी बीमारियों के प्रसार की आशंका बढ़ गयी है।
मालूम हो कि पपीता, केला, आदि फसली फल थोक विक्रेताओं द्वारा कच्चे की तुड़वा लिये जाते है जिनकों पेटियों में बंद करके कार्बेंट की थैली रख दी जाती है, इससे फल जल्दी पक कर तैयार हो जाते है, दुकानदारों का कहना है कि इसमें फल कड़क रहता है, क्योंकि डाल से टूटा हुआ फल बमश्किल 24 घण्टे तक नहीं चल सकता। दुकानदारों का कहना है कि हम लोग मजबूरी वश कार्बेंट डालकर उन्हें पकाते है, दुकानदार इस बात से अनभिज्ञता जताते है, कि इससे कैंसर जैसी घातक बीमारी फैल सकती है। जबकि चिकित्सकों का कहना है कि कार्बेंट से पकाये जाने वाले फल में कैंसर जैसी बीमारी फैलाने का पूरी क्षमता रहती है। कार्बेट से पके फल बेंचने पर शासन के निर्देश है कि ऐसे फल विक्रेताओं को छह माह के लिये जेल भेज दिया जाये। इनती सख्त सजा होने के बाद भी जनपद में आज तक कोई भी कार्बेट रसायन से पकाकर फल बेंचने वाला गिरफ्तार नहीं हुआ है।
इस सम्बन्ध में सरकारी अस्पताल के डाक्टरों का कहना है कि ऐसे फल विक्रेताओं को पकड़ने का अधिकार खाध निरीक्षक को है, यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला, झाड़ा जा रह है। उधर जनपद वासी फल नहीं बल्कि फल के माध्यम से ऐसा रसायन खा रहे है, जो धीरे, धीरे खाने वाले के शरीर को नष्ट करता हुआ कैंसर जैसी घातक बीमारी को जन्द दे रहा है। इसको रोकने के लिये स्वास्थ्य विभाग, सामाजिक संस्थाओं, जागरूक, नागरिकों पुलिव व जिला प्रशासन के द्वारा आज तक कोई भी कदम नहीं उठाया गया, जबक कई फल विक्रेता ऐसे जिम्मेदार अफसरों के कोठियों के इर्द, गिर्द ही फल बेचते नजर आ जाते है, फल विक्रेताओं का उददेश्य रहता है कि मौसम से पहले आया हुआ कोई भी फल दुगने, चैगुने दामों में बिकता है, जिससे दुकानदारों को आमदनी भी उम्मीद से ज्यादा हो जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.