तुर्रा मुहार: पहाड़ की तरह मोटे हो जा रहे है कूड़े के ढेर

(रिपोर्ट-सैय्यद तामीर उददीन) महोबा। साफ-सफाई के दावे चाहे जितने किये जाये लेकिन हकीकत ठीक इसके उलट है, गांवों में साफ-सफाई के काम बेहद ढीली है, और गांवों में हफ्तों साफ-सफाई की सुध नहीं ली जा रही है। विकास खण्ड पनवाड़ी का ग्राम पंचायत तुर्रा मुहार साफ-सफाई को लेकर सिर्फ बानगी मात्र है, जबकि विकास खण्ड के अनेक गांव में हालात साफ-सफाई को लेकर बेहद खराब है।
ग्राम तुर्रा मुहार में कूड़ो के बड़े-बड़े ढेर पहाड़ का रूप लेते जा रहे है, महीनों से यहां साफ-सफाई नहीं हुयी है, यहां हल्की बारिश के बाद कूड़े के ढेर तरबतर हो गये है और उनसें दुर्गंध उड़ रही है, ग्रामीणों के बीच संक्रामक बीमारियां फैलने की संभावनाए प्रबल हो गयी है इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है, वह अनेक बार साफ-सफाई कराये जाने की मांग कर चुके है, लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाये गये है, नियमित साफ-सफाई के दावें खोखले साबित हो रहे है।
गांव के रास्तों में जगह-जगह कूड़े के ढेर है, नालियों की सफाई न होने से उनका गंदा पानी भी सड़कों से बह रहा है, ऐसे में ग्रामीणों को आने-जाने मे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है दावा किया जाता है कि कूड़ा, कूड़ादान में डाला जायें लेकिन गांव में कूड़ेदान नदादत है ऐसे में ग्रामीण घरों से निकलने वाले कूड़े को यहां, वहां फेंक रहे है, जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने के कारण गंदे जानवर उनमें विचरण कर रहे है और वे यहां, वहां उसे फैला रहे है।
नियमित सफाई के दावे और स्वच्छता अभियान तुर्रा मुहार गांव पहुंचते-पहुंचते दम तोड़ दे रहा है, बताया जा रहा है कि गांव में महीनों से साफ-सफाई की सुध नहीं ली गयी है, कूड़े के ढेर पहाड़ की तरह मोटे होते चले जा रहे है, नालियों की सफाई न होने से उनका गंदा पानी पिचिन व सड़को से बह रहा है ग्रामीणों समेत विद्यालय जाने वाले बच्चों को भी इससे भारी तकलीफ हो रही है, लम्बे समय से कूड़ों के ढेर न उठाये जाने से उनसे सड़ांध पैदा हो रही है इससे ग्रामीणों का जीना हराम हो रहा है।