अफसरों की लापरवाही में फंसी #स्मार्ट_सिटी, #झांसी में बने #पिंक_टॉयलेट में लगा ताला

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योगी सरकार ने पेश किया पांचवा बजट, बुंदेलखंड और झांसी का रखा ध्यान

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का पांचवा और आखिरी बजट पेश हुआ है। यह बजट इतिहास में पहला है जो पेपरलेस रहा। प्रदेशवासियों के लिए बजट में कई सौंगातें दी गई हैं।
– जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल योजना में बुंदेलखंड, विंध्य क्षेत्रों के ग्रामीण एवं शहरी दोनों जगहों के लिए 17,000 करोड़ की व्यवस्था इस बजट में की गई है।
– प्रदेश के 10 शहर स्मार्ट योजना के तहत लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, सहारनपुर, बरेली, झांसी, मुरादाबाद, अलीगढ़ चयनित हुए हैं। इसके लिए 2000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित।
– राज्य सरकारों द्वारा सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। अमेठी, मैनपुरी और झांसी के सैनिक स्कूल के अवशेष कामों को पूरा करने और गोरखपुर में सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए 90 करोड़ रुपये की व्यवस्था।
– वाराणसी में पर्यटन के लएि 100 करोड़ रुपये प्रस्तावित। चत्रिकूट में पर्यटन के लएि 20 करोड़ रुपये।
– ग्रामीण इलाकों में 18 घंटे बिजली की आपूर्ति, जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे बिजली की व्यवस्था और तहसील मुख्यालयों पर 21 घंटे बिजली की मुहैया कराने का लक्ष्य
– आगरा मेट्रो के लिए 471 करोड़ का बजट प्रस्तावित। कानपुर मेट्रो के लिए 597 करोड़ का बजट, 31 जुलाई से होगा कानपुर मेट्रो का ट्रायल।
– हर घर को नल, हर घर को बिजली, हर गांव में सड़क एवं उसे डिजिटल माध्यम से जोड़ने के साथ हर खेत को पानी व हर हाथ को काम देने का संकल्प इस बजट में निहित है।
– इस बजट में रोजगार की व्यवस्था, सभी वर्गों के उत्थान का इरादा, वंचितों-शोषितों एवं युवाओं के सुंदर भविष्य की रूपरेखा के साथ उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण की संरचना भी निहित है।
– इस बार बजट का आकार 5,50,270.78 करोड़ है, जो वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट से 7.3 प्रतिशत अधिक है।
– बजट में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को विस्तार दिया गया है। अब किसान के घर के कमाऊ सदस्य, बंटाईदार व अन्य लोग भी मृत्यु जैसी दुःखद स्थिति में 05 लाख की आर्थिक सहायता पा सकते हैं।
– जो किसान परिवार आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा से कवर नहीं थे, उनके लिए इस बजट में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत 05 लाख के निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान किया गया है।
– महिलाओं के लिए कई योजनाएं आरम्भ की गई हैं। इस वर्ष मुख्यमंत्री सक्षम सुपोषण योजना, कुपोषित बच्चों को सुपोषण देने के लिए लाई गई है।
– इस बजट में महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिला सामर्थ्य योजना शुरू करने जा रहे हैं। इसके लिए 200 करोड़ की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है।
– युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत पात्रता श्रेणी के बच्चों को टैबलेट भी उपलब्ध कराने का इस बजट में प्रावधान कर रहे हैै।
– जिस कमिश्नरी में कोई राज्य विश्वविद्यालय नहीं है, वहां के लिए इस बजट में नए राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना करने की घोषणा की गई हैै।
– बजट में प्रदेश के अंदर खेलकूद प्रोत्साहन के लिए भी व्यवस्था की गई है। बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए बजट में ओपन जिम की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।
– इस बजट में पहली बार असंगठित क्षेत्र के लगभग एक करोड़ मजदूरों को स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत 05 लाख का कवर देने जा रहे हैं।
– हर न्याय पंचायत स्तर पर गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्था के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसे हम स्थानीय एनजीओ के माध्यम से संचालित कराएंगे।
– बजट में प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों के लोगों के लिए टेलीमेडिसिन एवं टेलीकंसल्टेशन हेतु पर्याप्त व्यवस्था की गई है। इसके जरिए प्रत्येक नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
– प्रदेश का पहला फॉरेंसिक इंस्टीट्यूट व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लखनऊ में स्थापित करने जा रहे हैं, इसके लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
– प्रदेश के अंदर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग रोजगार सृजन का सबसे सशक्त माध्यम है। इसके अंतर्गत प्रदेश में बंद पड़ी कताई मिलों को पी.पी.पी. मोड में चलाने का प्रावधान किया गया है।
एमएसएमई सेक्टर में उद्योग लगाने के लिए 1,000 दिनों तक किसी भी लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होगी।
– प्रदेश के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए हम एक नए गंगा एक्सप्रेस-वे की ओर बढ़ रहे हैं। इसके लिए बजट में जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही हेतु धनराशि की व्यवस्था की जा रही है।
– इस बजट में पुलिस के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास हेतु व्यवस्था की गई है। महान क्रांतिकारी शहीद रोशन सिंह के नाम पर हर पुलिस लाइन्स, थाना व चौकी में आवासीय सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
– इस बजट में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ी जातियों के पुनरुद्धार व कल्याण की योजनाओं को उन तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, लखनऊ में जनजातीय संग्रहालय के लिए बजट का प्रावधान किया गया है।
– आवारा पशुओं के पुनर्वास के लिए संचालित कान्हा योजना के लिए 80 करोड़ रुपये प्रस्तावित। बुंदेलखंड की विशेष योजनाओं के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित।
– पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत 2021-22 में 6 लाख आवास बनाए जाने का लक्ष्य है। इसके लिए 7000 करोड़ रुपये प्रस्तावित। मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत 50,740 लोगों को निशुल्क आवास का लाभ मिला।
– पंचायतों के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए। प्रत्येक न्याय पंचायत में दो चंद्रशेखर आजाद ग्रामीण विकास सचिवालय के लिए 10 करोड़ की व्य्वस्था प्रस्तावित। मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट पंचायत के प्रोत्साहन के लिए 25 करोड़ रुपये प्रस्तावित। ग्राम पंचायतों में बहुउद्देश्यीय इमारतों के निर्माण के लिए 20 करोड़ रुपये प्रस्तावित। गांवों में ई गर्वनेंस के विकास हेतु डॉ. राममनोहर लोहिया पंचायत सशक्तीकरण योजना के लिए 4 करोड़ रुपये प्रस्तावित
– किसानों को नाबार्ड से रियायती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था। सहकारी समिति के विकास हेतु संचालित एकीकृत सहकारी विकास योजना के लिए 10 करोड़ रुपये प्रस्तावित। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
– श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या धाम तक पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 300 करोड़ रुपये बजट व्यवस्था। अयोध्या में पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए 100 करोड़ की व्यवस्था। वाराणसी में पर्यटन सुविधाओं के लिए 100 करोड़।
– इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के सभी क्षेत्रों में समान विकास के लिए नई नीति लाई गई। इस नीति में अगले 5 साल में 40 हजार लोगों के रोजगार सृजन का लक्ष्य। यमुना एक्सप्रेस वे जेवर एयरपोर्ट के पास एक इलेक्ट्रॉनिक सिटी बनाने का लक्ष्य। प्रदेश में 200 करोड़ के निवेश और 15 हजार रोजगार संभावनाओं के लिए अलग-अलग जगहों पर आईटी पार्क बनाए जा रहे हैं। लखनऊ में एयरपोर्ट के सामने नादरगढ़ क्षेत्र में 40 एकड़ क्षेत्रफल में पीपीई मॉडल पर अत्याधुनिक सूचना प्रोद्योगिकी कॉम्प्लेक्स का निर्माण प्रस्तावित।
-मिड डे मील कार्यक्रम के लिए 3406 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्तावित। बजट में समग्र शिक्षा अभियान हेतु 18,172 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था की गई।
-कक्षा 1 से 8 तक के सभी बच्चों को प्रतिवर्ष निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराये जाने के लिए 40 करोड़ रुपये प्रस्तावित। सभी बच्चों को जूता-मोजा और स्वेटर उपलब्ध कराये जाने के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था। कक्षा 1 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं को स्कूल बैग उपलब्ध कराये जाने हेतु वित्तीय वर्ष 2021-2022 के बजट में 110 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित।

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